546 ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रिबोर की होगी सघन जांच, 20 फरवरी को 55 गांवों में एक साथ पहुंचेगी अफसरों की टीम
ज्ञानपुर।
गर्मी से पहले ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में कराए गए हैंडपंप रिबोर और मरम्मत कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर 55 ब्लॉक व जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है।
20 फरवरी को एक साथ 55 गांवों में जांच
प्रशासन की योजना के तहत 20 फरवरी को एक ही दिन 55 अधिकारी 55 अलग-अलग गांवों में पहुंचकर रिबोर दिखाए गए हैंडपंपों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से शेष ग्राम पंचायतों की भी जांच पूरी की जाएगी। फरवरी माह के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे जाने की तैयारी है।
45 हजार से अधिक हैंडपंप, हजारों में पाई गई खामियां
जिले में सांसद निधि, विधायक निधि और ग्राम पंचायतों के माध्यम से अब तक 45 हजार से अधिक हैंडपंप लगाए जा चुके हैं।
वर्ष 2025 में संभावित भीषण गर्मी (अप्रैल, मई, जून) को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने ब्लॉकों से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में सामने आया कि:
-
692 हैंडपंप रिबोर योग्य हैं
-
1860 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं
एक हैंडपंप के रिबोर पर लगभग 32 हजार रुपये खर्च किए गए, जबकि मरम्मत पर 2 से 2.5 हजार रुपये व्यय हुए। इतने बड़े बजट के खर्च के बाद भी कुछ ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।
शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त
ग्रामीणों की शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से मिली सूचनाओं के बाद डीएम शैलेष कुमार ने सभी ग्राम पंचायतों में सत्यापन का निर्देश दिया।
यदि जांच में यह पाया गया कि जिन हैंडपंपों को रिबोर दिखाया गया है, वे वास्तव में नहीं कराए गए, तो संबंधित ग्राम प्रधानों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जो हैंडपंप वास्तव में खराब मिलेंगे, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश पंचायतों को दिए जाएंगे।
सीडीओ ने दी कार्रवाई की जानकारी
मुख्य विकास अधिकारी बाल मुकुंद शुक्ला ने बताया कि डीएम के निर्देश पर 55 अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पहले चरण की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई तय की जाएगी।
क्यों अहम है यह अभियान?
-
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचाव
-
सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता
-
ग्राम पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय करना
-
ग्रामीणों की शिकायतों का त्वरित समाधान
यदि यह अभियान प्रभावी साबित होता है, तो न केवल पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पंचायत स्तर पर हो रही संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।


