कोर्ट के आदेश की अवहेलना, पूर्व प्राचार्य को नहीं दिया सत्रांत लाभ
ज्ञानपुर: हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को सत्रांत लाभ नहीं दिया गया। इस मामले में पूर्व प्राचार्य ने उच्च शिक्षा निदेशक के खिलाफ दोबारा कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है।
पूर्व प्राचार्य ने 24 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की एकल खंडपीठ रोहित रंजन अग्रवाल के समक्ष रिट दाखिल की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा निदेशक जानबूझकर सत्रांत लाभ देने में विलंब कर रहे हैं। कॉलेज में 250 से अधिक विज्ञान की छात्राओं के होने के बावजूद उन्हें यह सुविधा नहीं मिली, जबकि 10-15 छात्र संख्या वाले प्रोफेसरों को यह लाभ प्रदान किया गया।
पूर्व प्राचार्य का कहना है कि सत्रांत लाभ न मिलने से उनके पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और कॉलेज में उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। वहीं, कोर्ट ने पहले ही उच्च शिक्षा निदेशक को सत्रांत लाभ देने का आदेश दिया था।
करीब एक महीने बीतने के बाद भी आदेश का पालन न होने पर डॉ. डोंगरे ने पुनः प्रार्थना पत्र दायर कर उच्च शिक्षा निदेशक से कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में अब उच्च शिक्षा निदेशक कार्यालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो शिक्षा प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी संभव है। इस मुद्दे ने शिक्षा विभाग में सुचारु प्रशासन और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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