यूजीसी की नई नीतियों पर ब्राह्मण समाज का विरोध, कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन
ज्ञानपुर: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) की नई नीतियों और प्रस्तावित कानून के खिलाफ ब्राह्मण समाज में नाराज़गी भड़की। बुधवार को सनातन रक्षक सेवा समिति और ब्राह्मण युवजन सभा के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और यूजीसी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
ब्राह्मण युवजन सभा के जिलाध्यक्ष अमरीश तिवारी ने कहा कि यूजीसी का नया कानून शिक्षा के क्षेत्र में असमानता बढ़ाएगा और समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न करेगा। उनका कहना था कि यह कानून विशेष वर्ग को संरक्षण देता है, जबकि सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित नहीं करता।
सनातन रक्षक सेवा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय उपाध्याय ने बताया कि यह कानून जातिवाद को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के छात्रों पर बिना जांच के कार्रवाई की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य वर्गों के मामलों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यह कानून तुरंत वापस लिया जाए।
विनय उपाध्याय ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यूजीसी बिल को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान प्रदर्शन में नीरज तिवारी, सुमित मिश्रा, विजय दुबे, रूद्र पांडेय, हिमांशु पांडेय, नवीन दुबे, मोनू दुबे, रूद्र पाठक, आनंद दुबे सहित कई वरिष्ठ समाजसेवी और युवा नेता उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
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ब्राह्मण समाज ने यूजीसी की नई नीतियों का विरोध किया।
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कानून को असमान और जातिवाद बढ़ाने वाला बताया गया।
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प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अमरीश तिवारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय उपाध्याय प्रमुख वक्ता रहे।
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आंदोलन को यदि आवश्यक हुआ, तो इसे राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने की चेतावनी दी गई।
आगामी कार्रवाई: ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार कानून को वापस नहीं लेती है, तो प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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