डॉक्टर न स्टॉफ, तीन साल से कागजों में चल रहा बर्न यूनिट
विकास मिश्रा | ज्ञानपुर
जिले के सौ शय्या अस्पताल में स्थापित 13 बेड का बर्न यूनिट डॉक्टरों और स्टॉफ की स्थायी तैनाती न होने के कारण शो-पीस बनकर रह गया है। ढाई से तीन साल बीत जाने के बाद भी यह यूनिट केवल कागजों में ही संचालित हो रही है, जबकि अब तक एक भी मरीज का समुचित उपचार यहां नहीं हो सका है।
स्थिति यह है कि यूनिट में नर्स और वार्ड बॉय की ड्यूटी तो लगाई गई है, लेकिन उपचार न होने के कारण उनके पास बैठने के अलावा कोई काम नहीं रह गया है। बर्न यूनिट का संचालन अगस्त 2023 में दर्शाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
2012 में पड़ी थी अस्पताल की नींव
सौ शय्या अस्पताल की नींव वर्ष 2012 में रखी गई थी। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिसकी जांच एसआईटी द्वारा की गई। समय-समय पर हैंडओवर की तिथि बढ़ती रही और बजट भी बढ़कर अब करीब 18 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
अस्पताल में ओपीडी, डायलिसिस, सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं संचालित हैं, लेकिन बर्न यूनिट अब भी अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है।
कागजों में संचालन, धरातल पर शून्य
अगस्त 2023 में बर्न यूनिट का संचालन जैसे-तैसे शुरू किया गया, लेकिन आज तक यहां प्लास्टिक सर्जन, जनरल सर्जन समेत आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की स्थायी तैनाती नहीं हो सकी है। फिलहाल चिकित्सकों को केवल ऑन-काल रखा गया है।
अक्तूबर 2022 में हुआ था औराई अग्निकांड
साल 2022 में दो अक्तूबर की रात औराई में दुर्गा पूजा पंडाल में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 77 लोग घायल हुए थे, जबकि 22 लोगों की मौत हो गई थी। पूरी रात जिले की सड़कों पर एंबुलेंस के सायरन गूंजते रहे।
इस दर्दनाक हादसे के बाद सौ शय्या अस्पताल में बने बर्न यूनिट को सक्रिय करने की कवायद तेज हुई थी। वर्ष 2023 में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के जनपद भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देश के बाद यूनिट के संचालन की औपचारिक शुरुआत की गई थी।
इनसेट : बर्न यूनिट में इन पदों की है जरूरत
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प्लास्टिक सर्जन – 01
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जनरल सर्जन – 02
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कैजुएल्टी मेडिकल अफसर – 03
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फिजियोथेरेपिस्ट – 01
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ड्रेसिंग स्टाफ – 03
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स्टाफ नर्स – 06
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मल्टीपर्पस वर्कर – 06
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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