गलन ने तोड़े आठ साल के रिकॉर्ड, तीन दिन से 6.5 डिग्री पर टिका पारा
ज्ञानपुर। कालीन नगरी में इस बार ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है। बीते तीन दिनों से न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे गलन दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में आठ साल बाद इतनी कड़ाके की ठंड दर्ज की गई है। इससे पहले वर्ष 2019 में दो दिनों तक न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद किसी भी वर्ष जनवरी में इतनी तीव्र ठंड नहीं पड़ी।
बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। दोपहर एक बजे के बाद लगभग दो घंटे तक धूप जरूर निकली, लेकिन 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवा ने धूप का असर खत्म कर दिया। खुले में खड़े लोग और राहगीर ठिठुरते नजर आए।
ठंड का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। सुबह और शाम के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकले। अलाव और हीटर का सहारा लेते हुए लोग ठंड से बचाव करते दिखे। बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी-जुकाम की शिकायतें बढ़ने लगी हैं।
शाम होते ही गलन और तेज हो गई। रात आठ बजे के आसपास फिर से घना कोहरा छा गया, जिससे हाईवे पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फॉग लाइट जलाकर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर वाहनों की गति काफी धीमी रही।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन गलन बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान पर एक नजर (डिग्री सेल्सियस में)
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07 जनवरी: अधिकतम 16.9 | न्यूनतम 6.5
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06 जनवरी: अधिकतम 19.2 | न्यूनतम 6.4
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05 जनवरी: अधिकतम 17.3 | न्यूनतम 6.6
लगातार बढ़ती ठंड ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह नीचे बना रहा तो फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



