कामायनी एक्सप्रेस का सुरियावां से आरक्षण बंद, यात्रियों में बढ़ी चिंता
ठहराव समाप्त होने की आशंका, जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
सुरियावां।
11071 मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन का सुरियावां रेलवे स्टेशन के लिए आरक्षण बुकिंग पिछले कई दिनों से बंद होने से यात्रियों में भारी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है। रोजाना मुंबई और आसपास के महानगरों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि आरक्षण बंद होने के कारण मजबूरी में उन्हें अन्य स्टेशनों या वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, छात्रों और इलाज के लिए यात्रा करने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ठहराव बंद होने का खतरा
रेल यात्रियों का मानना है कि यदि लगातार सुरियावां स्टेशन से आरक्षण नहीं हुआ, तो रेलवे प्रशासन इसे कम यात्री दबाव वाला स्टेशन मानकर भविष्य में 11071 कामायनी एक्सप्रेस का ठहराव ही बंद कर सकता है। ऐसा होने पर सुरियावां और आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
क्षेत्र के विकास पर पड़ेगा असर
कामायनी एक्सप्रेस का ठहराव बंद होना केवल यात्रियों की समस्या नहीं होगा, बल्कि इससे क्षेत्र के व्यापार, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मुंबई जैसे बड़े महानगर से सीधा रेल संपर्क कमजोर होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
जनआंदोलन की अपील
नगर व क्षेत्र वासियों ने जनप्रतिनिधियों, रेल प्रशासन और मंडलीय रेल अधिकारियों से मांग की है कि सुरियावां रेलवे स्टेशन के लिए कामायनी एक्सप्रेस की आरक्षण बुकिंग तत्काल बहाल की जाए। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएं, ताकि रेलवे प्रशासन तक जनता की आवाज पहुंच सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



