भदोही अलर्ट: स्कूलों के पास आवारा कुत्तों का आतंक! 52 ‘हॉटस्पॉट’ चिह्नित, बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षक बने नोडल
भदोही/ज्ञानपुर | कालीन नगरी में मासूम बच्चों (नौनिहालों) पर आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में किए गए एक ताज़ा सर्वे में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों के पास 52 ऐसे हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जहाँ कुत्तों का झुंड बच्चों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार गंभीर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 7 नवंबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में, उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से मुक्त करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसी क्रम में भदोही के नगर निकायों और बेसिक शिक्षा विभाग ने एक महीने तक सघन सर्वे कर इन खतरनाक इलाकों को चिह्नित किया है।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा (हॉटस्पॉट):
सर्वे के अनुसार, जिले के इन प्रमुख इलाकों में कुत्तों का आतंक सबसे अधिक पाया गया है:
-
ज्ञानपुर और भदोही शहर
-
सुरियावां और माधोसिंह
-
डीघ और खमरिया
-
नई बाजार व आसपास के क्षेत्र
885 स्कूलों में ‘नोडल शिक्षक’ तैनात
बच्चों को कुत्तों के हमले से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है। जिले के 885 परिषदीय विद्यालयों में एक-एक शिक्षक को ‘नोडल’ बनाया गया है। इनका काम स्कूल के आसपास कुत्तों की गतिविधियों पर नजर रखना और बच्चों को सुरक्षित स्कूल के भीतर पहुंचाना होगा।
प्रशासन की संयुक्त कार्ययोजना
नगर पालिका ईओ और पशुपालन विभाग के साथ शिक्षा विभाग समन्वय बनाकर काम करेगा।
-
गश्त टीम: नगर निकायों की टीमें प्रतिदिन चिह्नित 52 हॉटस्पॉट पर गश्त करेंगी।
-
निगरानी: सार्वजनिक स्थलों जैसे बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और खेल परिसरों में भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
-
त्वरित कार्रवाई: यदि किसी क्षेत्र में कुत्तों का जमावड़ा बढ़ता है, तो निकाय की टीम उन्हें वहां से हटाने का काम करेगी।
“बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। शासन के निर्देशानुसार सर्वे पूरा कर लिया गया है और नोडल शिक्षकों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। निकाय की टीमें चिह्नित हॉटस्पॉट पर विशेष नजर रखेंगी।” — संबंधित अधिकारी, शिक्षा विभाग
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



