वो जिंदा भी है या नहीं… पिता का आधा शरीर जला, 60 घंटे बाद भी नहीं मिला बेटा; मथुरा हादसे ने एक परिवार की जिंदगी रोक दी
मथुरा/बांदा।
मथुरा में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं, लेकिन बांदा के एक परिवार के लिए यह हादसा अभी भी एक अनसुलझा दर्द बना हुआ है। हादसे को 60 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, पर अब तक ऋषभ नामक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं उसके पिता देवराज गंभीर रूप से झुलसे हुए हालत में आगरा के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
दिल्ली पहुंचने का सपना, मथुरा में टूटी उम्मीद
15 दिसंबर की शाम बांदा से दिल्ली जाने के लिए देवराज अपने बेटे ऋषभ के साथ स्लीपर बस में सवार हुए थे। परिवार को उम्मीद थी कि सुबह तक दोनों दिल्ली पहुंच जाएंगे। लेकिन मथुरा में बस के भीषण सड़क हादसे और आग लगने की घटना ने सब कुछ बदल दिया।
हादसे में बस में सवार कई यात्री झुलस गए। देवराज गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका आधा शरीर बुरी तरह जल गया। उन्हें तुरंत आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घायल मिले पिता, लेकिन बेटे का कोई अता-पता नहीं
नोएडा निवासी देवराज के बड़े भाई राजीव शर्मा ने बताया कि जब सुबह तक देवराज दिल्ली नहीं पहुंचे तो परिवार को चिंता हुई। कुछ देर बाद हादसे की खबर मिली। इसके बाद राजीव अपने छोटे भाई विनय के साथ बाइक से लगभग 140 किलोमीटर का सफर तय कर मथुरा पहुंचे।
मथुरा पहुंचने पर भी काफी देर तक न तो देवराज का पता चला और न ही ऋषभ का। करीब दो घंटे की तलाश के बाद जानकारी मिली कि देवराज गंभीर हालत में आगरा में भर्ती हैं। लेकिन ऋषभ के बारे में कोई सूचना नहीं मिल सकी।
तीन दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त
हादसे में मारे गए लोगों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। अधिकांश घायल इलाज के बाद घर लौट चुके हैं, लेकिन ऋषभ का नाम न तो घायलों की सूची में है और न ही अब तक पहचाने गए मृतकों में। इस अनिश्चितता ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी है।
डीएनए जांच ही आखिरी उम्मीद
प्रशासन की ओर से परिजनों को डीएनए सैंपल देने के लिए राजी किया गया। बुधवार की शाम राजीव और विनय मथुरा जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां सैंपल नहीं लिया गया। इसके बाद गुरुवार को चिकित्सकों की एक टीम आगरा पहुंची और देवराज का डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट से ऋषभ की स्थिति साफ हो सकेगी।
पहले मां को खोया, अब बेटे की तलाश
राजीव शर्मा ने बताया कि ऋषभ की मां का निधन काफी समय पहले हो चुका है। अब बेटे के लापता होने से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। हर बीतता घंटा परिवार के लिए किसी सजा से कम नहीं है। परिजन सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं—
“वो जिंदा भी है या नहीं?”
हादसे के बाद से परिवार अस्पताल, पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

