गंगा में दौड़ा देश का पहला हाइड्रोजन जलयान, बिना शोर-धुएं के 50 यात्री करेंगे सफर

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देश का पहला हाइड्रोजन जलयान काशी में हुआ शुरू, बिना शोर-धुएं के 50 यात्री करेंगे गंगा सफर; किराया 800 रुपये

वाराणसी। काशी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। देश का पहला हाइड्रोजन कमर्शियल जलयान अब गंगा की लहरों पर दौड़ने के लिए तैयार है। नमो घाट से रविदास घाट के बीच बिना शोर और धुएं के सफर कराने वाले इस अत्याधुनिक जलयान का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। शनिवार से इसकी औपचारिक सेवा जनता के लिए शुरू कर दी जाएगी।

कोच्चि शिपयार्ड द्वारा 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह 50-सीटर जलयान भारत में हरित (ग्रीन) परिवहन का नया अध्याय खोलता है।


शुभारंभ में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनवाल रहे मौजूद

हाइड्रोजन जलयान के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, प्रदेश सरकार के तीन राज्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी ने मिलकर इसे हरी झंडी दिखायी। इसके बाद जलयान को श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लिए रवाना किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह जलयान शून्य प्रदूषण वाला है और भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का प्रतिनिधित्व करता है। काशी अब देश में हाइड्रोजन फ्यूल आधारित वाहनों और जल परिवहन का केंद्र बनेगी।


पहली यात्रा: नमो घाट से विश्वनाथ धाम तक 5 किलोमीटर

उद्घाटन के बाद जलयान ने नमो घाट से बाबा विश्वनाथ के द्वार तक 5 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने बिना शोर और धुएं के शांतिपूर्ण सफर का अनुभव किया।

टेक्निकल इंजीनियर अनुज के अनुसार, जलयान डबल-डेकर डिज़ाइन में बनाया गया है और एक बार ईंधन भराने के बाद यह 2 से 3 ट्रिप कर सकता है।


किराया और यात्रा संचालन—जानें पूरा प्लान

  • यात्रा किराया: ₹800 प्रति व्यक्ति

  • क्षमता: 50 यात्री

  • रूट: नमो घाट ↔ रविदास घाट

  • बुकिंग काउंटर:

    • नमो घाट

    • रविदास घाट

नमो घाट और रविदास घाट पर इसके लिए विशेष टिकट काउंटर बनाए गए हैं। शनिवार से नियमित यात्राएँ शुरू हो जाएँगी।


हाइड्रोजन जलयान की प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ

  • 5 बड़े हाइड्रोजन सिलेंडर लगाए गए हैं।

  • रफ्तार: 12.038 किमी प्रति घंटा

  • बैकअप के लिए 3 kW सोलर पैनल लगे हैं।

  • डबल डेकर संरचना के साथ बड़ा ओपन व्यू क्षेत्र

  • 10 सदस्यीय क्रू

    • 2 चालक

    • 3 सी-मैन

    • 2 मास्टर

    • 1 इंजीनियर

    • 1 सेफ्टी फायर अधिकारी

अधिकारियों का कहना है कि अपस्ट्रीम (रविदास घाट से नमो घाट) पर जलयान की गति अधिक होगी और डाउनस्ट्रीम (नमो घाट से वापसी) पर गति थोड़ा कम रहेगी।


चार हाइड्रोजन रीफिलिंग और चार्जिंग स्टेशन बनेंगे

गंगा के कई घाटों पर हाइड्रोजन रीफिलिंग और ई-चार्जिंग व्यवस्था स्थापित की जा रही है:

  • रविदास घाट (तैयार)

  • नमो घाट (निर्माणाधीन)

  • ललिता घाट

  • शिवाला घाट

इन स्टेशनों पर हाइड्रोजन फ्यूल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट भी उपलब्ध रहेंगे।


क्यों खास है हाइड्रोजन जलयान?

  • यह शून्य प्रदूषण वाला जलयान है।

  • गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

  • सौर ऊर्जा से समर्थित होने के कारण फ्यूल एफिशिएंट

  • पर्यावरण-हितैषी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  • प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन मिशन को बढ़ावा।

पूर्व आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु ने कहा कि काशी ने देश में हरित ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। वहीं राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि काशी जैसे आस्था के शहर में ऐसी पर्यावरण-हितैषी तकनीक स्वागत योग्य है।


भविष्य की तैयारी: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा

केंद्रीय मंत्री सोनवाल ने घोषणा की कि जलमार्ग परिवहन को मजबूत करने के लिए काशी में अगले वर्ष तक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यहाँ हाइड्रोजन तकनीक और ग्रीन परिवहन पर शोध एवं प्रशिक्षण किया जाएगा।


समापन

देश के पहले हाइड्रोजन जलयान का काशी में शुरू होना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम है। इससे काशी में पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी और गंगा संरक्षा को शक्ति भी।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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