रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र से पाकिस्तानी–बांग्लादेशी नागरिकता दिलाने का षड्यंत्र नाकाम
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। सलोन ब्लॉक और आसपास के क्षेत्रों में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाकर पाकिस्तान और बांग्लादेश के संदिग्ध नागरिकों को भारतीय नागरिकता दिलाने की साजिश रची जा रही थी।
एनआईए की जांच में पता चला कि फर्जी प्रमाणपत्रों का जाल केवल रायबरेली तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई राज्यों—गुजरात, पंजाब और राजस्थान—के पते पर भी प्रमाणपत्र जारी किए गए। इनमें से 558 फर्जी प्रमाणपत्र मंगलवार को निरस्त कर दिए गए, और कुल 52,846 प्रमाणपत्र जांच के दायरे में हैं।
कैसे हुई साजिश का खुलासा?
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एनआईए ने 17 जुलाई 2024 को जांच शुरू की।
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जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव, CSC संचालक जीशान खान, सुहेल और रियाज ने VDO की ID और पासवर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाणपत्र बनाए।
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प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल पासपोर्ट और भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए किया जाना था।
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संदिग्धों में 2023 में मुंबई से पकड़े गए चार बांग्लादेशी और जम्मू में पकड़े गए रोहिंग्या भी शामिल हैं।
संदिग्धों का स्रोत और पहचान
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सभी संदिग्ध या तो पाकिस्तानी नागरिक हैं या बांग्लादेश से घुसपैठ करके भारत में दाखिल हुए हैं।
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जांच में कई नामों पर बनवाए गए प्रमाणपत्रों के वास्तविक पते पर कोई व्यक्ति नहीं मिला।
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र किस-किस पंचायत में बने?
| ग्राम पंचायत | प्रमाणपत्र संख्या |
|---|---|
| पाल्हीपुर | 13,707 |
| नुरुद्दीनपुर | 10,208 |
| पृथ्वीपुर | 9,393 |
| सांडा सैदन | 4,897 |
| माधौपुर निनैया | 3,746 |
| लहुरेपुर | 3,800 |
| सिरसिरा | 2,795 |
| गढ़ी इस्लामनगर | 2,395 |
| औनानीश | 1,685 |
| गोपालपुर (अनंतपुर) | 231 |
| कालू जलालपुर | 7 |
| दुबहन | 2 |
| कुल | 52,846 |
एनआईए की कार्रवाई और आगे की योजना
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जिले में टीम गठित कर सलोन ब्लॉक और जिला मुख्यालय पर फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच जारी है।
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प्रत्येक प्रमाणपत्र निरस्त करने में लगभग 8 मिनट लग रहे हैं।
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स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
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एजेंसी का कहना है कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का नेटवर्क देशव्यापी था, जिसे अब पूरी तरह तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विश्लेषण
यह मामला साफ करता है कि कैसे घुसपैठियों और अपराधियों ने सरकारी डेटा और डिजिटल ID का दुरुपयोग करके नागरिकता हासिल करने की कोशिश की।
एनआईए की त्वरित कार्रवाई ने बड़े राष्ट्रीय खतरे को टालने में मदद की।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
