कफ सिरप तस्करी: एबॉट फार्मा की मिलीभगत, ईडी ने शुरू की जांच

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एबॉट कंपनी भी फंसी नशीले कफ सिरप सिंडीकेट में, 100 करोड़ का सिरप रांची में गया

यूपी और उत्तराखंड में तस्करी का बड़ा खेल, ईडी ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश। प्रदेश में नशीले कफ सिरप के सिंडीकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें फार्मा कंपनियों और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आई है। जांच में यह भी पता चला कि एबॉट फार्मास्युटिकल कंपनी ने सहारनपुर निवासी विभोर राणा और उसके करीबियों को सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनाकर सिंडीकेट की मदद की।

यूपी एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई से सिरप की बिक्री ठप होने पर कंपनी ने 100 करोड़ रुपये मूल्य का सिरप रांची की फर्म शैली ट्रेडर्स को बेच दिया।


ईडी की जांच और कानूनी शिकंजा

  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सिंडीकेट और कंपनी की करतूतों की गहन जांच कर रहा है।

  • जल्द ही कंपनी और उसके अधिकारियों को नोटिस भेजा जाएगा और जवाब-तलब किया जाएगा।

  • जांच का फोकस यह पता लगाना है कि बीते 10 वर्षों में कंपनी ने कितने सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनाए और सिरप की तस्करी में कौन-कौन शामिल था।


तस्करी और अवैध उत्पादन

  • फेंसेडिल युक्त कफ सिरप को बांग्लादेश तस्करी के लिए भेजा जा रहा था।

  • सिरप का उत्पादन हिमाचल प्रदेश के बद्दी में किया जाता था, जिसे दिसंबर 2024 से बंद कर दिया गया।

  • छोटे परिसरों और दुकानों में भी अवैध तरीके से कफ सिरप का उत्पादन पाया गया।

    • गाजियाबाद में पेंट की दुकान में फैक्ट्री पकड़ी गई।


चार्टर्ड अकाउंटेंट भी जांच में

  • सिंडीकेट में मदद करने वाले तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट ईडी की रडार पर हैं:

    • वाराणसी के तुषार और विष्णु अग्रवाल – पूर्वांचल में तस्करी फर्मों का हिसाब-किताब संभाल रहे थे।

    • अरुण सिंघल – सहारनपुर के विभोर राणा और उनके करीबियों की फर्मों का लेखा-जोखा देख रहे थे।

  • इन सभी ने फर्मों के अकाउंट में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की।


शासन की कार्रवाई पर सवाल

  • पिछले वर्ष नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार बैठकें हुईं, जबकि हालिया वर्ष में केवल एक बैठक ही हुई।

  • प्रवर्तन टीमों ने कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडीकेट का सुराग नहीं पा सके, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।


निष्कर्ष:
नशीले कफ सिरप का सिंडीकेट केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर कंपनियों और बिचौलियों के नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रहा था। अब ईडी और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई इस गिरोह को बड़ा झटका दे सकती है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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