नवजात की मौत पर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल, दो महीने में फिर कैसे जारी हो गया लाइसेंस?
ज्ञानपुर/औराई। त्रिलोकपुर नहरा स्थित गुप्ता क्लीनिक पर लगातार लापरवाही के मामलों के बीच गुरुवार को फिर एक नवजात की मौत हो गई। पिछले दो महीनों में यह चौथा गंभीर मामला है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, लाइसेंसिंग सिस्टम और निजी अस्पतालों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, नवजात की मौत से हंगामा
जानकारी के अनुसार, दीक्षितपुर चकौड़ा निवासी शिवम पाल की पत्नी पम्मी पाल (25) का तीन दिन पहले गुप्ता पाली क्लीनिक में प्रसव हुआ था। परिजनों का आरोप है कि:
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प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही हुई
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महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही
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क्लीनिक स्टाफ ने समय से रेफर नहीं किया
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजन महिला को पास के ही एक अन्य क्लीनिक में ले गए, जहाँ उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
दो महीने पहले सीज हुआ था क्लीनिक, फिर नया लाइसेंस कैसे?
गौरतलब है कि केवल दो महीने पहले इसी क्लीनिक में लापरवाही के कारण एक महिला की मौत हुई थी। उस समय:
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क्लीनिक के संचालक पर मुकदमा दर्ज हुआ
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अस्पताल को सीज कर दिया गया
लेकिन कुछ समय बाद “नए नाम” से वही क्लीनिक फिर से शुरू हो गया और ऑनलाइन लाइसेंस भी जारी कर दिया गया, जो विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह “नाम बदलकर लाइसेंस लेने का खेल” है, जिसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लाइसेंस बिना भौतिक सत्यापन के जारी—व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि:
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स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का भौतिक सत्यापन किए बिना ही लाइसेंस जारी कर दिया
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लगातार मौतों के बावजूद क्लीनिक की निगरानी व जांच नहीं की गई
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विभागीय लापरवाही व भ्रष्टाचार के गंभीर संकेत मिल रहे हैं
स्वास्थ्य विभाग की सफाई और आगामी कार्रवाई
सीएचओ डॉ. एस.के. चक ने बताया कि:
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लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है
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यदि कोई संचालक नए नाम से आवेदन करता है तो सिस्टम में पहचान मुश्किल होती है
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क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है
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तथ्य मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने यह भी माना कि बार-बार शिकायतें आना गंभीर बात है और मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ा रोष
लगातार चार मौतों के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि:
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क्लीनिक को स्थायी रूप से बंद किया जाए
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लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों की भी जांच हो
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क्षेत्र में निजी अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग हो
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

