सौराष्ट्र में बेमौसम बारिश से तबाही, किसान सड़कों पर — सीएम भूपेंद्र पटेल की आपात बैठक

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गुजरात में बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों का प्रदर्शन तेज — सीएम भूपेंद्र पटेल ने बुलाई आपात बैठक, दिए त्वरित राहत के निर्देश

गांधीनगर।
गुजरात में पिछले 48 घंटों से जारी बेमौसम बारिश ने राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दिया है। सौराष्ट्र, भावनगर, राजकोट, जूनागढ़ और अमरेली जिलों में लगातार हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। धान, कपास और मूंगफली जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिरने से राज्य के कई हिस्सों में गुस्सा और निराशा का माहौल है।


फसलों में भारी नुकसान, खेत बने तालाब

ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। कई जगहों पर कटाई के लिए तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश ने खेतों में सड़न पैदा कर दी है। कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि सौराष्ट्र क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत फसलें बेमौसम बारिश की चपेट में आई हैं।


सड़कों पर उतरे किसान, जताया विरोध

भावनगर, अमरेली और राजकोट जिलों में किसानों ने राहत की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
भावनगर जिले के त्रपज गांव में किसानों ने पंचायत कार्यालय के बाहर धरना दिया और कहा कि सरकार ऑनलाइन सर्वे के बजाय सीधे आर्थिक मदद दे। उनका कहना है कि “सर्वे प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते हैं, लेकिन किसानों की जरूरत अभी है, बाद में नहीं।”


सीएम भूपेंद्र पटेल की आपात बैठक

विरोध प्रदर्शनों और नुकसान की खबरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में देर रात आपात बैठक बुलाई।
बैठक में कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम ने निर्देश दिया कि —

“किसानों के साथ केवल सहानुभूति के शब्द नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई के साथ खड़े रहना हमारी जिम्मेदारी है। प्रशासन हर स्तर पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करे।”

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तुरंत नुकसान का आकलन, राहत वितरण की योजना और मुआवजा रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए।

मुआवजा और ऋण माफी की मांग

अमरेली जिले में किसानों ने खंभा किसान संघ और सरपंच संघ के नेतृत्व में मामलातदार कार्यालय तक रैली निकाली।
किसानों ने मांग की कि—

  • बाढ़ और बारिश से प्रभावित किसानों के ऋण को माफ किया जाए,

  • मुआवजा राशि सीधे बैंक खातों में दी जाए,

  • और बीमा कंपनियों को त्वरित भुगतान के लिए बाध्य किया जाए।

विरोध के दौरान किसानों ने प्रतीकात्मक सड़क जाम भी किया, जिससे पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।


उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी पहुंचे सौराष्ट्र

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सोमवार को सौराष्ट्र पहुंचे।
उन्होंने नंगे पांव खेतों में उतरकर प्रभावित किसानों से सीधी बातचीत की।
संघवी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों को हरसंभव मदद देगी।

“मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी किसान अकेला महसूस न करे। सरकार हर गांव, हर खेत तक पहुंचेगी।”


सरकार ने सर्वे और राहत टीमों को किया सक्रिय

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, और कृषि विशेषज्ञों की टीमें प्रभावित इलाकों में भेज दी हैं।
ड्रोन सर्वे और उपग्रह चित्रों के माध्यम से फसलों के नुकसान का आकलन शुरू हो गया है।
सरकार ने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने के तुरंत बाद राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।


दो दशक में पहली बार इतनी बेमौसम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात में इस तरह की बेमौसम बारिश पिछले 20 वर्षों में पहली बार हुई है।
सौराष्ट्र क्षेत्र में सामान्य से तीन गुना अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश के जारी रहने की संभावना जताई है।


किसानों ने कहा — “मदद नहीं मिली तो आंदोलन जारी रहेगा”

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर 72 घंटे के भीतर सरकार राहत पैकेज की घोषणा नहीं करती, तो आंदोलन राज्यव्यापी स्वरूप ले सकता है।
राज्य किसान संगठनों ने कहा है कि वे राजकोट और अहमदाबाद में भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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