5.50 करोड़ से सुधरेगी डीघ रजबाहा की सेहत, अब टेल तक पहुंचेगा पानी
डीघ ब्लॉक के 15 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ, शासन को भेजा गया प्रस्ताव
ज्ञानपुर (भदोही)। क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से सूखी पड़ी डीघ रजबाहा नहर अब फिर से पानी से लबालब होगी। नहर विभाग ने इसकी मरम्मत और पक्कीकरण के लिए 5.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव के स्वीकृत होते ही रजबाहा के टेल तक पानी पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा।
किसानों की उम्मीदों को मिलेगी नई धार
डीघ ब्लॉक के कटरा, धनतुलसी, बेलवा, मंझिला, और नेवरिया सहित करीब 10 से 15 गांवों के किसानों को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों में लगभग 15 से 20 हजार किसान गेहूं और धान की फसल के लिए मुख्य नहर के पानी पर निर्भर हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से रजबाहा के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे किसानों को सिंचाई के संकट का सामना करना पड़ता था।
क्यों सूख जाता था रजबाहा का टेल हिस्सा
डीघ रजबाहा, ज्ञानपुर मुख्य नहर से जुड़ा हुआ है। यह नहर प्रयागराज जिले के केहुनी गांव से निकलकर वाराणसी और मिर्जापुर जिलों तक जाती है। इसकी लंबाई करीब 74 किलोमीटर है। डीघ रजबाहा की लंबाई 17 किमी, भदोही की 53 किमी और सीखड़ की 43 किमी है।
गंगा तटीय क्षेत्र होने के कारण डीघ रजबाहा के अंतिम तीन से चार किलोमीटर हिस्से में बलुई मिट्टी होने से पानी रिस कर खत्म हो जाता है। परिणामस्वरूप टेल एरिया तक पानी नहीं पहुंच पाता था।
नहर विभाग की नई कार्ययोजना
नहर विभाग ने इस बार एक ठोस योजना बनाई है। इसमें शामिल हैं —
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बलुई मिट्टी वाले हिस्से में कंक्रीट लाइनिंग कर नहर को पक्का बनाना।
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पुराने और क्षतिग्रस्त फाल (गेट) व पुलिया की मरम्मत।
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नहर के किनारों को मजबूत बनाकर पानी का रिसाव रोकना।
कार्य पूर्ण होने पर नहर में बहने वाला पानी अंत तक पहुंचेगा, जिससे किसानों को सालभर भरपूर सिंचाई मिलेगी।
खेती में आएगा नया जीवन
अब तक किसान कम पानी वाली फसलें जैसे मसूर, चना या सरसों बोने को मजबूर थे। कई बार खेत खाली छोड़ने की नौबत भी आती थी। नहर दुरुस्त होने के बाद किसान फिर से धान और गेहूं जैसी मुख्य फसलों की खेती कर सकेंगे। इससे उत्पादन बढ़ेगा, आमदनी दोगुनी होगी और कृषि लागत घटेगी।
स्थानीय किसानों की प्रतिक्रिया
स्थानीय किसान शिवकुमार यादव का कहना है,
“हम लोग बरसों से इस रजबाहा के पानी का इंतजार कर रहे हैं। अगर नहर बन गई तो खेती फिर से पटरी पर आ जाएगी। अब हमें बोरिंग या डीजल पंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”
किसान सुनील पासवान ने कहा,
“डीघ क्षेत्र के किसानों के लिए यह काम जीवनदान जैसा है। नहर बनते ही खेती का स्वरूप बदल जाएगा।”
वर्जन
“डीघ रजबाहा के सुधार के लिए 5.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर नहर के पक्कीकरण और संरचनाओं की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। इससे टेल तक पानी पहुंचेगा और किसानों को फायदा मिलेगा।”
— सुधीर कुमार पाल, एक्सईएन नहर विभाग
मुख्य तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना लागत | ₹5.50 करोड़ |
| नहर की लंबाई | 17 किलोमीटर |
| पक्का किया जाएगा | 3 से 4 किलोमीटर हिस्सा |
| लाभान्वित किसान | लगभग 15–20 हजार |
| लाभान्वित गांव | 10–15 |
| मुख्य उद्देश्य | टेल तक पानी पहुंचाना, सिंचाई सुविधा में सुधार |
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

