दीवाली पर प्रदूषण 4 साल के टॉप पर, जानिए कितनी बढ़ी जहरीली हवा
नई दिल्ली: दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलने के बावजूद, लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। नियमों की अनदेखी के चलते हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। रात 11 बजे से 1 बजे के बीच PM 2.5 का स्तर कई जगहों पर मानक से 30 गुना अधिक दर्ज किया गया।
चार साल के रिकॉर्ड में सबसे अधिक प्रदूषण
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दिवाली पर प्रदूषण पिछले चार साल में सबसे ज्यादा रहा। हालांकि, दिवाली के अगले दिन के मुकाबले इस साल प्रदूषण कुछ कम रहा।
प्रमुख कारण
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में हालात बेहतर हैं। उनका मानना है कि पटाखे प्रदूषण का मुख्य कारण नहीं हैं, बल्कि स्मॉग के लिए पंजाब में पराली जलाना जिम्मेदार है।
राजनीतिक बयानबाजी
AAP के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों ने रात के दौरान डेटा जारी नहीं किया। वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि AAP नेता वोट के लिए दिवाली और पटाखों पर दोष मढ़ रहे हैं।
भारत में हुई G20 समिट के शेरपा और नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की समझदारी ने पटाखे जलाने के अधिकार और सांस लेने के हक में संतुलन बनाए रखा।
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दीवाली 2025: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण चार साल के टॉप पर, PM 2.5 का स्तर बढ़ा 30 गुना
नई दिल्ली: दिवाली पर ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में जमकर आतिशबाजी हुई। नियमों की अनदेखी के कारण रात 11 बजे से 1 बजे के बीच हवा में PM 2.5 का स्तर मानक से 30 गुना अधिक दर्ज किया गया। इस साल का दिवाली प्रदूषण पिछले चार वर्षों के रिकॉर्ड में सबसे अधिक रहा।
चार साल के मुकाबले प्रदूषण का ग्राफ
सोमवार रात से ही प्रदूषण में तेजी देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल दिवाली पर प्रदूषण का स्तर पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे ऊँचा था। हालांकि, दिवाली के अगले दिन के मुकाबले हवा में विषैली गैसों का स्तर कुछ कम रहा।
क्या है मुख्य कारण?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने कहा कि बीते वर्षों की तुलना में हालात बेहतर हैं। उनका दावा है कि पटाखों से होने वाला प्रदूषण अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने स्मॉग के मुख्य कारण के रूप में पंजाब में पराली जलाना बताया।
राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप
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AAP: दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों ने रात के समय डेटा जारी नहीं किया।
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BJP: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि AAP नेता वोट के लिए दिवाली और पटाखों पर दोष मढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी: भारत में हुई G20 समिट के शेरपा और नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे जलाने के अधिकार और सांस लेने के हक के बीच संतुलन बनाए रखा।
सुरक्षा और जागरूकता
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल और समय पर आतिशबाजी पर नियंत्रण प्रदूषण कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, लोगों को सलाह दी गई है कि दिवाली के दौरान मास्क पहनें और बच्चों और बुजुर्गों को बाहर जाने से बचाएं।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.
