सोनम बेवफा’ से ‘नीतीश चच्चा बेवफा’ तक – बिहार की राजनीति में मज़ाक या मास्टरस्ट्रोक

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अब सोनम ही नहीं, नीतीश चच्चा भी बेवफा!’ – 10 रुपये का नया ‘राजनीतिक’ नोट उड़ा रहा सोशल मीडिया पर मज़ाक


बिहार की सियासत इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक 10 रुपये के पुराने नोट की नई पेशकश को लेकर गरमा गई है। ये वही 10 रुपये का नोट है, जो कभी “सोनम बेवफा है” लिखे होने के कारण मीम्स और युवाओं की चर्चा का केंद्र बना था। लेकिन अब उस “सोनम” को पीछे छोड़ते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर नया राजनीतिक तंज वायरल हो रहा है।

इस बार इस नोट को वायरल करने का काम किया है राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने, जिसने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक 10 रुपये के नोट की तस्वीर पोस्ट की है। इस नोट में लिखा है –
“बिहार के लिए नीतीश चच्चा भी बेवफा हैं।”

क्या है नोट की कहानी?

पहले तो 10 रुपये का यह नोट सिर्फ़ “सोनम बेवफा है” के लिए बदनाम था। लेकिन जब हाल ही में मध्य प्रदेश में सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या करवा दी, तो लोगों ने फिर से “सोनम नोट” को सोशल मीडिया पर याद करना शुरू कर दिया। अब इस चर्चा में नीतीश चच्चा का जुड़ जाना, इसे पूरी तरह सियासी रंग दे गया है।

RJD का निशाना

आरजेडी ने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा –
“सोनम नहीं, बिहारी युवाओं के लिए नीतीश चच्चा बेवफा हैं!”
नोट के बैकग्राउंड में वाटरमार्क के रूप में भी यह टेक्स्ट उभरा हुआ दिखाया गया है, जिससे साफ है कि यह पोस्ट केवल मजाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

इस ट्वीट के बाद एक्स पर प्रतिक्रियाओं की झड़ी लग गई।
एक यूजर मिस्टर वर्मा ने लिखा –
“RJD वालों, तुम्हें पता होना चाहिए कि नोट पर लिखना जुर्म है! और इस तरह से वोट नहीं मिलने वाले हैं।”
वहीं विकास कुमार नामक यूजर ने लिखा –
“नीतीश चच्चा तो उस पुराने आशिक की तरह निकले, जो हर चुनाव में वादा करते हैं रोजगार का, और निभाते हैं सिर्फ मुंह मोड़ने का!”

क्या JDU देगा जवाब?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक हैं। ऐसे में राजद का यह 10 रुपये वाला ‘सियासी तीर’ सीधा जेडीयू और नीतीश कुमार के पाले में आ गिरा है। अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या JDU भी जवाबी ‘नोट वार’ में कूदेगा? या फिर वह कोई नया मीडिया हमला करेगा?

निष्कर्ष

बिहार की राजनीति में अब चुनावी भाषणों से ज्यादा मीम्स, नोट, और सोशल मीडिया पोस्ट जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘बेवफा नोट’ की ये लड़ाई अंत में किसे सत्ता के दरवाज़े तक पहुंचाती है।

रिपोर्ट:  भारत क्रांति न्यूज़
#10केनोट #नीतीशचच्चा #RJDvsJDU #BiharPolitics #BharatKrantiNews

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles