बावन बीघा तालाब पर अतिक्रमण, सुरियावां की ऐतिहासिक धरोहर खतरे में
नगरवासियों में न्याय की आस, प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज
सुरियावां (भदोही): एक समय अपनी सुंदरता, स्वच्छता और विशालता के लिए प्रसिद्ध बावन बीघा तालाब आज अतिक्रमण की गिरफ्त में जकड़ता जा रहा है। यह ऐतिहासिक तालाब सुरियावां की पहचान रहा है, लेकिन धीरे-धीरे इस पर अवैध कब्जा बढ़ता गया, जिससे न सिर्फ इसकी प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हुई, बल्कि इसके अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा।
नगरवासियों का कहना है कि बावन बीघा तालाब सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। वर्षों से यह तालाब स्थानीय लोगों के लिए एक शुद्ध जल निकाय के रूप में कार्य करता रहा है, लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति और प्रशासनिक उदासीनता के चलते इस पर अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए।
तालाब पर अतिक्रमण कैसे बढ़ा?
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि कुछ वर्षों पहले धार्मिक तुष्टीकरण और राजनीतिक लाभ के लिए इस ऐतिहासिक धरोहर पर योजनाबद्ध तरीके से अतिक्रमण कराया गया।
तालाब पर हुए बदलाव
✅ तालाब की परिधि सिकुड़ गई: अतिक्रमण के कारण बावन बीघा तालाब का मूल स्वरूप बिगड़ गया और उसका क्षेत्रफल धीरे-धीरे घटता गया।
✅ अवैध निर्माण हुए: तालाब के किनारों पर अवैध रूप से कर्बला और मजारों का निर्माण कर दिया गया।
✅ स्थानीय विरोध को दबाया गया: जब नगरवासियों ने विरोध किया, तो इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जिससे प्रशासन ने इस मुद्दे पर ध्यान देना बंद कर दिया।
✅ सार्वजनिक हित की अनदेखी: नगर के विकास और पर्यावरणीय संतुलन की चिंता न करते हुए, प्रशासन की लापरवाही के कारण अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता गया।
हिंदू रक्षा समिति ने उठाई आवाज
इस अतिक्रमण के खिलाफ हिंदू रक्षा समिति ने प्रशासन से अवैध कर्बला और मजारों को हटाने की मांग की है। समिति का कहना है कि बावन बीघा तालाब केवल सुरियावां का ही नहीं, बल्कि पूरे भदोही जिले का एक सांस्कृतिक प्रतीक है, जिसे नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है:
????️ “बावन बीघा तालाब पर अवैध कब्जे को हर हाल में हटाया जाना चाहिए। प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाना चाहिए और तालाब को उसके मूल स्वरूप में लौटाना चाहिए।”
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कब्जों को हटाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है और अतिक्रमण हटाए गए हैं। ऐसे में नगरवासियों को उम्मीद है कि बावन बीघा तालाब को भी अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
???? नगरवासियों की प्रमुख मांगें:
✔️ बावन बीघा तालाब से अवैध निर्माण तुरंत हटाया जाए।
✔️ तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
✔️ तालाब के क्षेत्र में भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो, इसके लिए निगरानी समिति गठित की जाए।
✔️ जल निकासी और सफाई की उचित व्यवस्था की जाए।
नगरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन इस अवैध अतिक्रमण को नहीं हटाता, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
समाज से एकजुट होने की अपील
हिंदू रक्षा समिति और स्थानीय नागरिकों ने सुरियावां, भदोही और आसपास के सभी सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में समर्थन दें और प्रशासन तक अपनी आवाज बुलंद करें।
क्या कर सकते हैं नागरिक?
???? सोशल मीडिया पर #SaveBawanBeegha और #RemoveEncroachment जैसे हैशटैग के साथ जागरूकता फैलाएं।
???? स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखें और अतिक्रमण हटाने की मांग करें।
✊ शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जनसभा आयोजित करें ताकि यह मुद्दा शासन तक पहुंचे।
क्या प्रशासन उठाएगा सख्त कदम?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण के खिलाफ क्या कदम उठाता है। क्या सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ इस ऐतिहासिक तालाब पर भी लागू होगी? या फिर तुष्टीकरण की राजनीति इस कार्रवाई को रोक देगी?
नगरवासियों की उम्मीद – न्याय हो!
“हमारी धरोहर को बचाने के लिए हमें एकजुट होना होगा। प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करे और बावन बीघा तालाब को फिर से अतिक्रमण मुक्त बनाए।” – अनिल मिश्र, हिंदू रक्षा समिति
अब यह मामला केवल सुरियावां का नहीं, बल्कि भदोही जिले के गौरव को बचाने का सवाल बन चुका है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस पर निर्णय लेना होगा।
???? (रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़)
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.