भदोही में सनसनीखेज प्रधानाचार्य हत्याकांड का पर्दाफाश: 27 साल पुरानी दुश्मनी ने ली जान
भदोही, 29 अक्टूबर 2024 – भदोही जिले के इंद्र बहादुर नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य योगेंद्र बहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने 27 साल पुरानी दुश्मनी की तह तक जाकर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन के नेतृत्व में भदोही थाना और साइबर/सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम ने इस हत्या के पीछे की गंभीर साजिश का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि हत्या का मास्टरमाइंड, सौरभ सिंह, का मकसद अपने पिता की पुरानी हत्या का बदला लेना था। इस घातक साजिश को अंजाम देने के लिए उसने अपने परिचित मोहम्मद कलीम से मदद ली और शूटरों की सहायता से हत्या की योजना को अंजाम तक पहुंचाया।
घटना का सिलसिला और दुश्मनी का इतिहास
योगेंद्र बहादुर सिंह की हत्या 21 अक्टूबर 2024 की सुबह 9 बजे उनके घर से करीब 200 मीटर दूर बसावनपुर के पास हुई। उस दिन प्रधानाचार्य सिंह कार से जा रहे थे कि तभी अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने उन पर गोलीबारी कर दी। इस वारदात ने भदोही क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भदोही थाने में दर्ज किया गया, और पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
घटना की जड़ में 1997 में हुई एक हत्या थी, जिसमें मृतक प्रधानाचार्य का नाम आया था। उस समय प्रधानाचार्य सिंह पर सौरभ सिंह के पिता की हत्या का आरोप था, लेकिन उन्हें अदालत से बरी कर दिया गया था। सौरभ, जो उस समय मात्र एक बच्चा था, वर्षों से अपने पिता की हत्या का बदला लेने के इरादे से आहत था। इसी उद्देश्य से उसने कलीम को प्रधानाचार्य की हत्या के लिए सुपारी दी और पूरी योजना तैयार की।
हत्या से पहले की गई विस्तृत रेकी और योजना
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में खुलासा किया कि हत्या को अंजाम देने से पहले उन्होंने कई बार प्रधानाचार्य के घर और कॉलेज के आसपास रेकी की थी। 19 अक्टूबर 2024 को भी दोनों अभियुक्त अपने शूटरों के साथ भदोही आए थे और घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। हालांकि, उस दिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण वे सफल नहीं हो पाए। लेकिन उन्होंने अपनी योजना को नहीं छोड़ा और 21 अक्टूबर को सुबह की घटनाओं का बारीकी से आकलन करने के बाद, प्रधानाचार्य की कार को रास्ते में रोककर उन्हें गोली मार दी गई।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की गहन जांच
भदोही पुलिस ने इस मामले में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से निरीक्षण किया। फुटेज में रेकी के दौरान टाटा सफारी वाहन का पता चला, जिसका उपयोग अभियुक्तों ने घटना की योजना को अंतिम रूप देने में किया था। फुटेज की बारीकी से जांच के बाद, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और मामले की पूरी पृष्ठभूमि सामने आई।
पुलिस की कड़ी मेहनत और त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने अपर पुलिस अधीक्षक, भदोही और क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर इस केस को सुलझाने में अपना पूरा योगदान दिया। कुल मिलाकर, पांच पुलिस टीमें बनाई गईं, जिनमें साइबर/सर्विलांस टीम और भदोही थाने के अधिकारी शामिल थे। हर टीम ने अपने स्तर पर कार्य करते हुए संदिग्धों को पकड़ने के लिए पूरी तरह समर्पण के साथ काम किया।
इस सफल जांच अभियान में निरीक्षक अश्विनी कुमार त्रिपाठी (प्रभारी निरीक्षक भदोही), निरीक्षक श्याम बहादुर यादव (प्रभारी साइबर/सर्विलांस टीम), और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस की सूझबूझ और तत्परता की वजह से ही आज हत्या के मास्टरमाइंड और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
सौरभ सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी बहुत गहरा है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, और आयुध अधिनियम जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। करीब एक दर्जन से अधिक मामलों में संलिप्त होने के कारण पुलिस ने इस केस को लेकर बहुत गंभीरता दिखाई।
फरार शूटरों की तलाश और आगे की कार्यवाही
भदोही पुलिस टीम लगातार फरार शूटरों और बाकी अभियुक्तों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ में पुलिस को उन शूटरों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस का कहना है कि इन फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा और शीघ्र ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने कहा, “यह केस हमारे लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत और आपसी समन्वय के साथ इसे सुलझाया। इस प्रकार की घटनाएं समाज में डर का माहौल बनाती हैं, और हमारा कर्तव्य है कि हम दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाएं। जल्द ही शेष फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी की जाएगी, और कानून के दायरे में उन्हें सजा दिलाई जाएगी।”
समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का प्रयास
इस सफल कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है और भदोही पुलिस की तत्परता और कौशल की सराहना की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस केस के शीघ्र अनावरण के लिए अपनी पूरी टीम को बधाई दी और भरोसा दिलाया कि अपराधियों पर कानून का शिकंजा और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
इस हत्याकांड के पर्दाफाश से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि कानून के हाथ लंबे हैं, और अपराधी कितनी भी चालाकी से योजना बनाए, कानून और न्याय से बच नहीं सकता।
मुख्य संपादक – शिवशंकर दुबे
लेखक : आशु झा
भारत क्रांति न्यूज़
Author: Bharat Kranti News
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