भदोही: दिन में भी जल रही 50 हाईमास्ट लाइटें, हर महीने 750 यूनिट बिजली की बर्बादी
ज्ञानपुर। भदोही जिले में विभिन्न निधियों और परियोजनाओं के तहत लगाई गई हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें दिन में भी जल रही हैं। इससे बिजली की अनावश्यक खपत बढ़ रही है और ऊर्जा की बर्बादी हो रही है। जिले में अलग-अलग स्थानों पर लगी करीब 45 से 50 हाईमास्ट लाइटें दिन के उजाले में भी जलती मिलीं। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इन लाइटों को समय पर बंद नहीं किया जा रहा है।
जिले में भदोही और ज्ञानपुर विद्युत वितरण खंड के 98 फीडरों के माध्यम से करीब 2.46 लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। ग्रामीण बाजारों से लेकर शहरी क्षेत्रों के प्रमुख तिराहों और चौराहों पर सांसद निधि, विधायक निधि, पंचायत निधि और अन्य योजनाओं के तहत हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं। इनका उद्देश्य रात में रोशनी बढ़ाने के साथ बाजारों की सुंदरता और सुरक्षा को बेहतर बनाना है। हालांकि, कई स्थानों पर ये लाइटें दिन में भी लगातार जलती रहती हैं।
200 से अधिक लाइटों की पड़ताल में 50 दिन में जलती मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बृहस्पतिवार को 10 संवाददाताओं के माध्यम से जिले में 200 से अधिक हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों की पड़ताल की। इसमें करीब 50 हाईमास्ट लाइटें दिन में भी जलती मिलीं। स्थानीय स्तर पर इन लाइटों को बंद करने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत या नगर पंचायत की होती है, लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने से बिजली की बर्बादी हो रही है।
हर दिन 25 यूनिट तक बिजली की बर्बादी का अनुमान
ज्ञानपुर के अवर अभियंता (जेई) मनोज कुमार के अनुसार, एक हाईमास्ट लाइट में चार से छह बल्ब लगे होते हैं। प्रत्येक बल्ब की क्षमता करीब 60 वॉट होती है। एक हाईमास्ट लाइट 24 घंटे में लगभग एक से सवा यूनिट बिजली की खपत कर सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि करीब 50 हाईमास्ट लाइटें दिन में 12 घंटे अनावश्यक रूप से जलती हैं, तो इनसे प्रतिदिन लगभग 25 यूनिट बिजली की बर्बादी हो सकती है। इस हिसाब से एक महीने में करीब 750 यूनिट बिजली अनावश्यक रूप से खर्च होने का अनुमान है।
अलग-अलग बाजारों में महीनों से जल रही लाइटें
लखनो तिराहा: यहां सांसद निधि से हाईमास्ट लाइट लगाई गई है, जिसमें चार बल्ब लगे हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह लाइट पिछले चार महीने से लगातार जल रही है। इसे बंद करने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है।
देवनाथपुर बाजार: यहां पंचायत निधि से लगाई गई स्ट्रीट लाइट करीब तीन महीने से लगातार जल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिन में लाइट जलने से बिजली की बर्बादी हो रही है। इसे बंद कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।
सदलूबीर बाजार: अभोली ब्लॉक के इस बाजार में सांसद निधि से लगाई गई हाईमास्ट लाइट लगातार जल रही है। स्थानीय स्तर पर इसे बंद कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।
गिर्दबड़गांव: औराई ब्लॉक के इस गांव में पंचायत निधि से लगाई गई हाईमास्ट लाइट करीब दो महीने से लगातार जलने की बात सामने आई है। इसके बावजूद इसे बंद कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
दिन में लाइट जलने से ऊर्जा की बर्बादी
देवनाथपुर निवासी ओमप्रकाश मौर्या का कहना है कि बाजार में लगी स्ट्रीट लाइट पिछले तीन महीने से लगातार जल रही है। रात में इससे बाजार को रोशनी मिलती है, लेकिन दिन में लाइट जलने का कोई औचित्य नहीं है। जिम्मेदारों को इसे समय पर बंद कराना चाहिए।
वहीं, बालीपुर निवासी जेके सिंह ने कहा कि बाजारों में हाईमास्ट लाइट लगने से सुंदरता और सुरक्षा बढ़ती है, लेकिन दिन में इनके जलते रहने से ऊर्जा की अनावश्यक बर्बादी होती है। संबंधित अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
सर्वे के बाद जिम्मेदारों से वसूला जा सकता है बिजली का बिल
अधीक्षण अभियंता मुनीष कुमार ने बताया कि नगर निकायों के अलावा ग्रामीण बाजारों में लगी हाईमास्ट लाइटों को बंद कराने की जिम्मेदारी संबंधित स्थानीय प्रशासन की होती है। यदि लाइटें दिन में भी जल रही हैं, तो इससे बिजली निगम पर अतिरिक्त भार पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सर्वे कराया जाएगा और अनावश्यक रूप से लाइटें जलने की पुष्टि होने पर संबंधित प्रशासन से बिजली का बिल वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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