डिजिटल जनगणना के लिए शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित, 2027 सर्वे की तैयारियां तेज
भदोही। जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में सोमवार से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसमें ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रगणक के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
पहले दिन आयोजित प्रशिक्षण सत्र सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चला। प्रशिक्षक अनुपम सिंह और रिंकू सरोज ने शिक्षकों को जनगणना की मूल अवधारणाओं, परिभाषाओं, सर्वे की प्रक्रिया और मकान/भवन नंबरिंग की विधि को विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित किया जाता है।
प्रशिक्षकों ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए प्रगणकों को मोबाइल आधारित एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) एप के माध्यम से डेटा एकत्र करना होगा। शिक्षकों को एप डाउनलोड करने, लॉगिन करने, डेटा भरने और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि भारत में पहली बार वर्ष 1881 में जनगणना की गई थी और तब से यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना स्वतंत्र भारत की नौवीं जनगणना होगी, जिसमें 31 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से स्लाइड प्रस्तुति दिखाकर विषय को सरल और रोचक बनाया गया, जिससे शिक्षकों को प्रक्रिया समझने में आसानी हुई। साथ ही, प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी मौके पर ही किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी रवि कुमार तिवारी ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्देश दिए कि सभी प्रगणक पूरी जिम्मेदारी और सावधानी के साथ कार्य करें, ताकि डेटा की शुद्धता बनी रहे।
इस अवसर पर तहसीलदार मिश्री लाल चौहान, वीरेंद्र कुमार, एससी बिंद, सुभाष सरोज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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