ज्ञानपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चकमानधाता में कक्षा 5 के विद्यार्थियों का विदाई समारोह एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम, उत्साह और भावनात्मक माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर उत्सव जैसा नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ हुई। इसके बाद कक्षा 5 के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषित होते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलकने लगा।
इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कक्षा में सुरभि चौरसिया ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सभी को गौरवान्वित किया। नव्या पांडेय ने द्वितीय, सोनाली सोनी ने तृतीय, श्रुति ने चतुर्थ एवं संध्या ने पंचम स्थान प्राप्त किया। सभी सफल विद्यार्थियों को सील्ड मेडल, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल एवं अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान राजीव सेठ ने अपने हाथों से बच्चों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी के बल पर बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों को निरंतर मेहनत करने, अनुशासन बनाए रखने और अपने माता-पिता एवं विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की ओर से सभी बच्चों के लिए खाने-पीने की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों ने इस दिन को उत्सव की तरह मनाया।
इस अवसर पर कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक कृष्ण बाबा मिश्रा को घड़ी भेंट कर उनका सम्मान किया। यह पल अत्यंत भावुक कर देने वाला था। शिक्षक कृष्ण बाबा मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा—
“आज मेरे जीवन का सबसे भावुक दिन है। जिन बच्चों को मैंने पांच वर्षों तक पढ़ाया, उनके साथ एक गहरा रिश्ता बन गया है। मैं रोज उनके घर तक जाकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करता था और उनके साथ एक परिवार जैसा लगाव हो गया था। आज जब वे मुझसे दूर जा रहे हैं, तो यह पल मेरे लिए बेहद कठिन है।”
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों के जीवन निर्माण का आधार होती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
विदाई के समय का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। कई छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों से लिपटकर रोने लगे, तो कुछ की आंखें नम हो गईं। इस भावुक माहौल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को अंदर तक छू लिया।
कार्यक्रम में लोकप्रिय गायक राजेश परदेशी ने अपने मधुर गीतों से समां बांध दिया। उनके गीतों ने बच्चों और उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया और माहौल को और भी खास बना दिया।
इस अवसर पर नोडल शिक्षक इंदुचंद पांडेय, एआरपी श्री प्रकाश तिवारी, मासूक अहमद, विद्यालय के अन्य शिक्षकगण, अभिभावक एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे बच्चों के जीवन का एक यादगार और अविस्मरणीय पल बताया।
निष्कर्ष:
चकमानधाता विद्यालय का यह विदाई समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी एक यादगार क्षण बन गया। पांच वर्षों का साथ, स्नेह और सीख आज भावनाओं में बदल गया, जिसने यह साबित कर दिया कि विद्यालय सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि रिश्तों और संस्कारों का भी निर्माण करता है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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