भदोही में विशेषज्ञ डॉक्टरों की किल्लत गहराई: स्किन, हार्ट और ईएनटी मरीज सामान्य चिकित्सकों के भरोसे
ज्ञानपुर (भदोही)। भदोही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। स्किन, हार्ट और ईएनटी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को यहां बच्चों के डॉक्टर, सामान्य चिकित्सक या फिजीशियन के भरोसे ही छोड़ दिया गया है। जिले में कार्डियोलॉजिस्ट एक भी नहीं, जबकि स्किन और ईएनटी के केवल एक-एक विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। बढ़ती आबादी और जटिल बीमारियों के बीच यह कमी स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही है।
20 लाख की आबादी, लेकिन विशेषज्ञ नाममात्र
1994 में बने भदोही जिले में 30 साल बाद भी स्वास्थ्य ढांचा विशेषज्ञ डॉक्टरों को लेकर बेहद कमजोर है।
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आबादी: करीब 20 लाख
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स्वास्थ्य केंद्र: 29
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तैनात डॉक्टर: 135 रेगुलर + संविदा = 148 कुल
इसके बावजूद स्किन, ईएनटी, कार्डियोलॉजी और टीबी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी ने मरीजों को परेशानी में डाल रखा है।
मरीजों की मजबूरी: बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फिजीशियन तक ही इलाज
विशेषज्ञ न होने के कारण कई मरीजों का इलाज गलत डिपार्टमेंट के डॉक्टरों से कराना पड़ रहा है।
केस–1 : स्किन की समस्या से जूझता आद्विक
औराई सीएचसी पर शनिवार को 8 साल का आद्विक अपनी स्किन प्रॉब्लम की दवा लेने पहुंचा।
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निजी अस्पतालों में महीनों इलाज कराने के बाद भी लाभ नहीं
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सीएचसी पहुंचा तो स्किन विशेषज्ञ मौजूद नहीं
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एक सामान्य डॉक्टर ने दवा दी
माता-पिता का कहना है कि विशेषज्ञ न मिलने से सही इलाज नहीं हो पा रहा।
केस–2 : कान की दिक्कत लेकर पहुंचा भांजा, ईएनटी डॉक्टर गायब
जिला अस्पताल में उमेश पटेल अपने भांजे को लेकर पहुंचे, जिसके कान में समस्या थी।
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ईएनटी स्पेशलिस्ट नहीं मिला
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फिजीशियन ने दवा दी
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परिजन निराश होकर लौटे
जिले में फिजीशियनों की भी कमी
कई प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर फिजीशियन तक उपलब्ध नहीं हैं।
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जिला अस्पताल/एमबीएस/100 शय्या अस्पताल — केवल 5 फिजीशियन
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सुरियावां/डीघ — 1-1 फिजीशियन
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भानीपुर, भदोही, औराई, गोपीगंज — एक भी फिजीशियन नहीं
इतनी बड़ी आबादी के लिए यह संख्या बेहद कम मानी जा रही है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ छह सीएचसी पर नहीं
महिलाओं से संबंधित बीमारियों के लिए भी व्यवस्था लचर है।
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6 समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गायनेकोलॉजिस्ट नहीं
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प्लेन महिला डॉक्टर ही डिलीवरी और स्त्री रोग उपचार संभाल रहीं
कहां कितने डॉक्टर तैनात? — पूरा डेटा
| स्वास्थ्य केंद्र | डॉक्टरों की संख्या |
|---|---|
| जिला अस्पताल | 12 डॉक्टर + 5 ईएमओ |
| एमबीएस | 17 डॉक्टर + 8 ईएमओ |
| भदोही सीएचसी | 13 |
| गोपीगंज | 12 |
| सुरियावां | 10 |
| औराई | 13 |
| ट्रॉमा सेंटर | 6 |
| डीघ | 14 |
| भानीपुर | 7 |
| 100 बेड सरपतहां | 6 डॉक्टर + 4 ईएमओ |
| 20 पीएचसी | 1-1 डॉक्टर |
अन्य विवरण:
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45 डॉक्टर संविदा पर
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5 एमओसीएच
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2 ने त्यागपत्र दिया
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2 अनिश्चितकालीन अवकाश पर
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5 डॉक्टर पीजी के लिए गए
ग्रामीण इलाकों में स्किन डिजीज बढ़ी, पर डॉक्टर नहीं
बरसात और नमी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में स्किन डिजीज तेजी से फैलती हैं।
इसके बावजूद सीएचसी पर एक भी स्किन विशेषज्ञ नहीं है।
मरीज पहले निजी क्लीनिकों के चक्कर लगाते हैं और अंत में सरकारी अस्पताल में सामान्य चिकित्सक से ही दवा लेकर लौट आते हैं।
स्थानीय लोग बोले— बार-बार आश्वासन मिलता है, लेकिन भर्ती नहीं होती
स्थानीय नागरिक बताते हैं कि
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तीन–चार साल से विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती के वादे किए जा रहे हैं
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विज्ञापन जारी होने के बाद भी पोस्ट रिक्त रह जाती हैं
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संविदा पर भी विशेषज्ञ मिलना मुश्किल है
स्वास्थ्य विभाग मौन, मरीज परेशान
जिले की 20 लाख आबादी विशेषज्ञों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है।
लोगों का कहना है कि जिला बनने के 30 साल बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं आधी-अधूरी ही हैं।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
