46 ग्रामीण सड़कें दुरुस्त होंगी, आवागमन होगा सुगम
ज्ञानपुर। जिले के छह ब्लॉकों में 46 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत इन सड़कों को बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पीएमजीएसवाई द्वारा जेई के माध्यम से कराए गए सर्वे में सड़कों की स्थिति जर्जर पाई गई, जिसके बाद इनका प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब इसे स्वीकृति हेतु शासन को भेजा जाएगा।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किमी सड़क नेटवर्क फैला है, जिसकी देखरेख लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति जैसी विभिन्न एजेंसियां करती हैं।
नोडल एजेंसी के रूप में लोक निर्माण विभाग मुख्य मार्गों पर ज्यादा ध्यान देता है, जबकि ग्रामीण सड़कों की स्थिति अक्सर खराब बनी रहती है।
हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत और गड्ढामुक्त अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, साथ ही आवश्यकता के अनुसार कुछ मार्गों को चौड़ा भी किया जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें मरम्मत के अभाव में खराब स्थिति में बनी रहती हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुए सर्वे में 46 सड़कें मरम्मत योग्य मिलीं। इनमें से अधिकांश सड़कें 200 मीटर से लेकर दो किमी की लंबाई की हैं, जो मुख्य मार्गों को गांवों से जोड़ती हैं। इन सड़कों के निर्माण पर 10 से 25 लाख रुपये तक की लागत आने का अनुमान है।
पीएमजीएसवाई की अधिशासी अभियंता प्रज्ञा परमिता ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 46 सड़कों का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
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46 ग्रामीण सड़कें होंगी दुरुस्त, आवागमन होगा सुगम
PMGSY ने तैयार किया प्रस्ताव, शासन से जल्द मिलेगी स्वीकृति
ज्ञानपुर। जिले के छह ब्लॉकों में ग्रामीण आवागमन को बेहतर बनाने के लिए 46 जर्जर ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत इन सड़कों के लिए जेई टीम से सर्वे कराया गया था, जिसमें अधिकांश मार्ग खराब स्थिति में पाए गए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अब सभी 46 सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
जिले में 2500 किमी से अधिक सड़कों का नेटवर्क
ज्ञानपुर सहित पूरे जनपद में 546 ग्राम पंचायतें और सात नगर निकाय हैं, जिनमें मिलाकर लगभग 2500 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क फैला है।
इनकी देखरेख निम्न एजेंसियां करती हैं—
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लोक निर्माण विभाग (PWD)
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पीएमजीएसवाई
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जिला पंचायत
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नगर पंचायतें
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मंडी समिति
मुख्य मार्गों पर हर साल मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य होता है, लेकिन ग्रामीण सड़कों की स्थिति अपेक्षाकृत खराब रहती है, जिस कारण आवागमन कठिन हो जाता है।
हर साल खर्च होते हैं करोड़ों रुपये
सड़कों की मरम्मत, नवीनीकरण और गड्ढामुक्त अभियान के लिए हर साल कई करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद गांवों तक जाने वाले लिंक मार्ग अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं, जबकि इन्हीं सड़कों से ग्रामीणों का दैनिक आवागमन जुड़ा होता है।
46 सड़कें चिन्हित—200 मीटर से 2 किमी तक की लंबाई
PMGSY सर्वे में जो 46 सड़कें चयनित हुई हैं, उनकी लंबाई 200 मीटर से लेकर दो किमी तक है।
योजना के तहत इनका निर्माण मुख्य सड़क से लिंक मार्ग तक कनेक्टिविटी मजबूत करेगा।
इन सड़कों के निर्माण पर अनुमानित लागत—
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10 लाख से 25 लाख रुपये प्रति सड़क
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कुल लागत कई करोड़ तक पहुँच सकती है
अधिशासी अभियंता का बयान
पीएमजीएसवाई की अधिशासी अभियंता प्रज्ञा परमिता ने बताया—
“सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जिले की 46 सड़कों का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।”
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

