कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: आरोपियों के नंबर सर्विलांस पर, कई जिलों में छापेमारी तेज

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कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामला: जांच के दायरे में पूर्वांचल के कई जिले, बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां

भदोही। प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद पुलिस का शिकंजा लगातार कड़ा होता जा रहा है। इस अवैध गिरोह का जाल सिर्फ भदोही में ही नहीं बल्कि वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, प्रयागराज और झारखंड तक फैला होने की आशंका है। एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से फार्मा कंपनियों, मेडिकल डीलरों और निजी आपूर्ति चैनलों की आड़ में चल रहा था।


कैसे चलता था पूरा नेटवर्क?

जांच टीम के अनुसार, यह नेटवर्क तीन चरणों में काम करता था:

चरण तरीके शामिल लोग
1. सप्लाई चैनल फार्मा कंपनियों से थोक में खरीदी लाइसेंसधारी सप्लायर
2. डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम दस्तावेजों में दवा को कानूनी दिखाना फर्जी बिलिंग, बोगस रजिस्टर
3. अवैध बिक्री नशे के उपयोगकर्ताओं तक पहुंच मेडिकल स्टोर, प्राइवेट एजेंट, ट्रक ड्राइवर

इसी तस्करी के लिए अलग-अलग राज्यों में मोबाइल नंबर, फर्जी बैंक खाते और शेल कंपनियों के उपयोग के सबूत मिले हैं।


चौंकाने वाला तथ्य — दवा गायब, दस्तावेज मिल गए!

अब तक हुई छापेमारी में:

  • 1 लाख से अधिक बोतलों का हिसाब दस्तावेजों में दर्ज,

  • लेकिन एक भी कफ सिरप की बोतल बरामद नहीं हो सकी।

यह संकेत है कि माल पहले ही ब्लैक नेटवर्क में खप चुका था।


एसआईटी को मिले बैंक लेन-देन के सुराग

जांच टीम ने कई संदिग्ध खातों में:

  • 17 लाख से 1.25 करोड़ तक के अचानक आए लेन-देन

  • कैश में निकासी

  • फर्जी GST बिलिंग
    के प्रमाण जुटाए हैं।

ईडी और साइबर सेल भी इस मामले में जल्द शामिल हो सकती है।


किसकी भूमिका जांच में सबसे संदिग्ध?

✔️ भोला प्रसाद (रांची) – मुख्य सप्लाई ऑपरेटर
✔️ शुभम जायसवाल – नेटवर्क का कोऑर्डिनेटर
✔️ अमित सिंह टाटा – रूट और डिलीवरी चैनल का मैनेजर
✔️ स्थानीय मेडिकल संचालक – वितरक और विक्रेता

कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने पूछताछ में कहा कि उनके पास दबाव में सप्लाई ली गई थी, लेकिन पुलिस इससे संतुष्ट नहीं है।


स्थानीय स्तर पर कैसे बेचा जाता था?

  • रेलवे स्टेशन, ट्रक अड्डे, ढाबे, छात्रावास और हॉस्टलों में इन सिरपों की सप्लाई बड़े पैमाने पर होती थी।

  • एक बोतल की ब्लैक मार्केट कीमत 800 से 1200 रुपये तक बताई जा रही है।


जल्द हो सकते हैं बड़े नाम उजागर

जांच में कई राजनीतिक और कारोबारी संबंधों की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में राज्य स्तर के नेटवर्क लीडर की तलाश भी जारी है।


एसपी की सख्त चेतावनी

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने साफ कहा—

“चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कफ सिरप तस्करी में शामिल सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। जांच अंतिम चरण में है और जल्द बड़ी कार्रवाई होगी।”


अगला कदम क्या?

  • बैंक विवरण और कॉल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच

  • मोबाइल लोकेशन और इंटर-स्टेट नेटवर्क ट्रेस

  • जल्द और गिरफ्तारियां

  • संभवतः एनडीपीएस एक्ट में केस अपग्रेड


यह मामला सिर्फ दवा तस्करी का नहीं, बल्कि संगठित अपराध और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का है।


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Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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