सीवीटी खराब, एक्स-रे मशीन महीनों से ठप — इलाज के लिए भटक रहे मरीज, निजी पैथोलॉजी की चांदी
भदोही। चौरी रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक्स-रे मशीन लगभग दो महीनों से बंद पड़ी है, जिसका कारण मशीन की खराबी नहीं, बल्कि उसे चलाने के लिए लगा सीवीटी (स्टेबलाइजर) का बार-बार खराब होना बताया जा रहा है। उपकरण बदलने या उसकी मरम्मत न होने से रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीज असुविधा झेल रहे हैं।
रोजाना 5–6 मरीज एक्स-रे आवश्यकता के बावजूद लौटते हैं निराश
सीएचसी पर शहरी और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। डॉक्टर प्रतिदिन कई मरीजों को एक्स-रे कराने की सलाह देते हैं, लेकिन मशीन चालू न होने से उन्हें निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है —
“सरकारी अस्पताल में सुविधा है, लेकिन चलती नहीं। फिर मजबूरन बाहर पैसे खर्च करने पड़ते हैं।”
निजी पैथोलॉजी सेंटरों की बल्ले-बल्ले
एक्स-रे सुविधा बंद होने के चलते मरीजों को निजी पैथोलॉजी में 400 से 500 रुपये खर्च कर एक्स-रे कराना पड़ रहा है। गरीब मरीजों के लिए यह रकम बहुत भारी साबित हो रही है।
लोगों का आरोप है कि —
“सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का फायदा निजी पैथोलॉजी वाले उठा रहे हैं।”
सवालों के निशाने पर स्वास्थ्य विभाग
मरीजों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि सीवीटी खराब होने की सूचना अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों ने कहा —
“अगर कोई दिक्कत है तो उसे सही कराने में इतना समय क्यों? महीनों से मशीन बंद है — यह सीधे-सीधे लापरवाही है।”
एक्स-रे नहीं होने से इलाज में देरी
एक्स-रे रिपोर्ट पर निर्भर मरीजों का इलाज टल रहा है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें डॉक्टर ने हड्डी में फ्रैक्चर या चोट की आशंका पर एक्स-रे जरूरी बताया, लेकिन सरकारी मशीन बंद होने के कारण मरीज आर्थिक मजबूरी में रिपोर्ट नहीं करा पाए।
ग्रामीणों और मरीजों की मांग
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से तुरंत सीवीटी की मरम्मत/बदलाव कर एक्स-रे मशीन को शुरू कराने की मांग की है।
मरीजों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता के लिए हैं, इसलिए मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

