7 माह की गर्भावस्था से खुला राज: मंदबुद्धि युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी 10 साल की सजा पाएगा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मंदबुद्धि युवती से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला: गर्भावस्था में दर्द बढ़ने पर खुला राज, आरोपी को 10 साल की सजा

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मंदबुद्धि युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (एफटीसी) ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 32 वर्षीय आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

इस मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य स्थापित हुए।


कैसे हुआ खुलासा? पेट दर्द के बाद अस्पताल में सामने आई सच्चाई

घटना 22 जुलाई 2024 की है। जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय मंदबुद्धि पीड़िता रोज की तरह कचरा फेंकने खलिहान की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी उसका पीछा करते हुए वहां पहुंचा और जबरन शारीरिक उत्पीड़न किया।

घटना के बाद पीड़िता ने अपनी बहन को इस बारे में बताया, लेकिन मानसिक स्थिति के कारण परिवार को शक नहीं हुआ और मामला दब गया।

करीब छह महीने बाद पीड़िता को लगातार पेट दर्द होने लगा। परिजन उसे जिला अस्पताल बालोद लेकर गए। जांच में डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता सात महीने की गर्भवती है। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए।


सुनवाई के दौरान क्या पता चला?

मामला खुलने के बाद परिवार ने पीड़िता से पूछताछ की। उसने बताया कि:

  • 22 जुलाई 2024 को आरोपी ने खलिहान में दुष्कर्म किया था।

  • 13 जनवरी 2025 को आरोपी उनके घर भी आया था और जबरन संबंध बनाए।

यह पूरी आपबीती सुनकर परिवार ने तुरंत कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया।


शिकायत और पुलिस जांच

पीड़िता की बहन ने 28 जनवरी 2025 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने:

  • पीड़िता का बयान दर्ज किया

  • मेडिकल परीक्षण कराया

  • घटनास्थल का निरीक्षण किया

  • गवाहों के बयान लिए

इसके बाद पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी।


कोर्ट ने क्या कहा?

विशेष न्यायाधीश (एफटीसी) ताजुद्दीन आसिफ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि:

  • पीड़िता की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने गंभीर अपराध किया

  • मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए प्रोफाइलिंग और गवाहों के बयान आरोपी के खिलाफ मजबूत प्रमाण हैं

इन्हीं आधारों पर आरोपी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।


परिवार और गांव में आक्रोश

घटना उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि मंदबुद्धि युवती के साथ ऐसी घिनौनी हरकत समाज के लिए शर्मसार करने वाली है।


महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर सवाल

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि कमजोर वर्ग, खासकर मानसिक रूप से असमर्थ महिलाओं की सुरक्षा कितनी नाजुक है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles