पंचायत चुनाव की तैयारी पर तेजी: उम्मीदवारों ने गांवों में बढ़ाई हलचल, भोज और जनसंपर्क से साध रहे मतदाता
जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही): आगामी पंचायत चुनाव को लेकर जिले में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है। एक ओर जहां शासन प्रशासन की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर संभावित उम्मीदवारों ने भी गांवों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, जिले में कुल 546 ग्राम पंचायत सदस्य, 661 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 6848 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। इन पदों के लिए लगभग 52 लाख मतपत्रों की छपाई कराई जाएगी। मतपत्रों की छपाई के लिए चयनित उद्योगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि समय से सारी प्रक्रिया पूरी हो सके।
गांवों में भोज-भात और दावतों का दौर:
ग्राम पंचायतों में दावेदार अब खुलेआम अपनी दावेदारी जताने लगे हैं। गांव-गांव बाटी-चोखा, पूरी-कचौड़ी और लड्डू की दावतें दी जा रही हैं। हर कोई अपने समर्थकों को जोड़ने और गांव में माहौल बनाने में जुटा है। इन आयोजनों को चुनावी संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि अभी आरक्षण सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन दावेदार खुद को भावी प्रधान के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। कई जगहों पर तो भावी प्रत्याशियों ने छोटे-बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी शुरू कर दिया है, ताकि लोगों के बीच अपनी पहचान मजबूत कर सकें।
वर्तमान प्रधानों ने तेज की विकास गतिविधियां:
मौजूदा ग्राम प्रधानों को यह आभास हो गया है कि जनवरी या फरवरी में अधिसूचना जारी हो सकती है, इसलिए वे पूरी ताकत से विकास कार्यों को पूरा करने में जुटे हैं। ग्राम पंचायत निधि से चल रहे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
साथ ही, वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, सोख्ता निर्माण जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भावी प्रत्याशियों ने गांवों में बढ़ाई आवाजाही:
संभावित जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के प्रत्याशी गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। अपने खर्च पर भोज और छोटी बैठकों का आयोजन कर वे ग्रामीणों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कई प्रत्याशी खुद को जनता का सच्चा हितैषी बताते हुए कह रहे हैं कि अगर मौका मिला तो “हर गांव में विकास कार्य कराएंगे”।
गांवों में चुनावी चर्चा आम:
चाय की दुकानों से लेकर चौपालों तक अब चर्चा सिर्फ एक ही विषय पर है — “कौन बनेगा प्रधान?” ग्रामीण भी इस बार के चुनाव में अपने मुद्दों को लेकर मुखर हैं। बिजली, सड़क, आवास, पेयजल और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पंचायत चुनाव में मुकाबला काफी दिलचस्प रहेगा क्योंकि नए दावेदारों के साथ-साथ पुराने प्रधान भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

