स्मार्ट मीटर बना मुसीबत, 30 से 40 गुना बढ़ रहा बिजली बिल — शिकायतों पर विभाग मौन
ज्ञानपुर (भदोही)। बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए बिजली विभाग ने जिले में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरू किया है, लेकिन यह व्यवस्था अब उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल 30 से 40 गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे लोग हैरान और परेशान हैं।
उपभोक्ताओं की शिकायत है कि विभागीय अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। नतीजतन, उपभोक्ताओं को शिकायत लेकर विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिले में अब तक 40 हजार घरों में लगे स्मार्ट मीटर
भदोही जिले में कुल ढाई लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से अब तक लगभग 40 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और बिजली चोरी पर नकेल कसना था, लेकिन बिलों की गड़बड़ियों ने उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है।
गंगारामपुर में बिल 200 रुपये से बढ़कर 6000 रुपये पहुंचा
अभौली ब्लॉक के गंगारामपुर निवासी गुरुजी बिंद ने बताया कि उनके घर पर झुल्लुर राम के नाम से स्मार्ट मीटर लगाया गया। पहले उनके कनेक्शन पर हर महीने 100 से 200 रुपये तक का बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगते ही बिल 6000 रुपये तक पहुंच गया।
गुरुजी बिंद का कहना है कि उनके घर में केवल एक पंखा और कुछ लाइटें चलती हैं। फिर भी बिल हर महीने हजारों में आ रहा है और मीटर की रीडिंग हमेशा शून्य (0) ही दिखाती है। शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है।
संसारापुर में 4.5 लाख का मनमाना बिल, फिर लगा स्मार्ट मीटर
संसारापुर निवासी विभूति नारायण दुबे के साथ तो स्थिति और भी चौंकाने वाली रही। मई महीने में विभाग ने उन्हें 4.5 लाख रुपये का मनमाना बिल थमा दिया। शिकायत के बाद बिल में सुधार किया गया और उन्होंने 19,500 रुपये का पूरा भुगतान कर दिया।
इसके बाद विभाग ने उनके घर पर स्मार्ट मीटर लगाया। मगर एक महीने बाद फिर से 27,322 रुपये का नया बिल थमा दिया गया। उन्होंने दोबारा शिकायत की, जिसके बाद अस्थायी सुधार तो हुआ, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है।
उपभोक्ताओं में आक्रोश, विभाग पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से लगाए गए स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियां हैं। कई बार मीटर डेटा अपडेट नहीं करता या रीडिंग गलत दिखाता है।
उपभोक्ता बताते हैं कि शिकायत करने पर अधिकारी “सर्वर एरर” या “सिस्टम समस्या” बताकर टाल देते हैं।
विभागीय स्तर पर सुधार संभव, लेकिन कार्रवाई नहीं
जानकारों का कहना है कि यह गड़बड़ी मीटर लगाने वाली संस्था की ओर से होती है, जिसे बिजली केंद्र पर तकनीकी रूप से सुधारा जा सकता है।
फिर भी विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग
उपभोक्ताओं ने ऊर्जा विभाग और जिले के अधिकारियों से मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गलत बिलिंग की समस्या खत्म हो और लोगों को राहत मिल सके।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

