गंगा में जलस्तर अधिक, एक महीने विलंब से शुरू होगा पीपा पुल निर्माण — यात्रियों को हो रही परेशानी
भदोही / सीतामढ़ी। जिले में गंगा नदी पर बनने वाले पीपा पुलों का निर्माण इस बार एक से डेढ़ माह देर से शुरू होगा। गंगा में पानी सामान्य से अधिक होने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। परंपरानुसार दशमी के दिन पूजा-पाठ के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाता है, लेकिन जलस्तर में कमी न आने से कार्य में देरी तय मानी जा रही है।
प्रबोधिनी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों और सहालग सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन गंगा पार जाने वालों को अब भी नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में पीपा पुल निर्माण में कम से कम एक माह का विलंब रहेगा।
जिले में हर साल तीन स्थानों — रामपुर, सीतामढ़ी-मिश्रपुर और धनतुलसी घाटों पर पीपा पुल बनाए जाते हैं। इन पुलों से हर दिन 70 से 80 वाहन और सैकड़ों यात्री गंगा पार करते हैं। यह पुल लोगों के लिए जीवनरेखा माने जाते हैं, क्योंकि इनके बनने से गंगा पार जाने की दूरी 100 किलोमीटर तक घट जाती है।
इन पुलों के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की है। रामपुर और धनतुलसी घाट के पीपा पुलों का निर्माण पीडब्ल्यूडी भदोही, जबकि सीतामढ़ी-मिश्रपुर घाट का निर्माण पीडब्ल्यूडी मिर्जापुर करता है।
लगन के दिनों में बढ़ जाती है परेशानी
सहालग और शादी-विवाह के सीजन में जब यातायात का दबाव बढ़ जाता है, तब ये पुल यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। लेकिन इस वर्ष पानी अधिक रहने से पुलों के अभाव में वाहनों की लंबी कतारें और नौकाओं में भीड़ देखने को मिल रही है।
नौकाएं नहीं कर पा रहीं जरूरत पूरी
विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए नौकाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि ये पर्याप्त साबित नहीं हो रहीं। कई बार लोगों को गंगा पार जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
भदोही, मिर्जापुर और प्रयागराज की दूरी बढ़ी
रामपुर, धनतुलसी और सीतामढ़ी घाटों के पीपा पुल बनने से भदोही, मिर्जापुर और प्रयागराज (मांडा क्षेत्र) की दूरी काफी कम हो जाती है। लेकिन पुल बंद रहने से यात्रियों को भदोही से हंडिया या सैदाबाद होकर जाना पड़ता है, जिससे यात्रा 80 से 100 किमी तक लंबी हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को गंगा जलस्तर का आकलन पहले कर लेना चाहिए था ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके। अब सहालग सीजन में यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीणों और बारातियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
Author: Bharat Kranti News
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