गाजीपुर में खाकी पर दाग: दुष्कर्म केस में लीपापोती का आरोप, मजिस्ट्रेट के सामने खुला राज; एसपी ने बैठाई जांच

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खाकी पर दाग: दुष्कर्म के मामले में लीपापोती का आरोप, पीड़िता के बयान के बाद खुलासा; एसपी ने बैठाई जांच

Ghazipur News: गाजीपुर जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। पांच माह पुराने दुष्कर्म के मामले में लीपापोती और तहरीर बदलवाने के आरोप के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान ने पूरा सच उजागर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा जोड़कर उसे जेल भेज दिया है।


क्या है पूरा मामला

मामला गाजीपुर जिले के एक थाना क्षेत्र का है। 2 जून को एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर एक युवक पर उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लेकिन आरोप है कि दबाव में आकर पुलिस ने अगले ही दिन (3 जून) तहरीर बदलवाकर केवल छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया।
इसके बाद आरोपी को शांति भंग की धारा में चालान कर पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में दुष्कर्म की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने पांच महीने बाद, 30 अक्टूबर को, धाराएं बढ़ाकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।


राजनीतिक हस्ती का नाम आया सामने

इस पूरे प्रकरण में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री मन्नू बिंद का नाम सामने आया है।
आरोप है कि उन्होंने आरोपी को बचाने के लिए तहरीर बदलवाने और मामले में समझौते के नाम पर एक लाख रुपये लेने की भूमिका निभाई।

जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, तो मन्नू बिंद के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, उन पर रंगदारी और धमकी देने के भी आरोप हैं।


एसपी ने बैठाई विभागीय जांच

घटना के सामने आने के बाद एसपी डॉ. ईरज राजा ने पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच की आंच तत्कालीन कोतवाल, विवेचक और अन्य पुलिसकर्मियों तक पहुंच सकती है।

फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


सारांश

गाजीपुर का यह मामला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दबाव और प्रभाव में आकर न्याय किस तरह प्रभावित हो सकता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद विभागीय और कानूनी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles