9 महीने बाद खुला सुरियावां में पुजारी हत्याकांड का राज
पुजारी सीताराम जी की नृशंस हत्या – चोरी, नशा और पहचान लिए जाने का डर बना कारण
हनुमान मंदिर, बावन बीघा तालाब – एक ऐसा स्थान जो स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र था। बीते दो दशकों से अधिक समय से पुजारी सीताराम जी निःस्वार्थ भाव से मंदिर की सेवा में लगे हुए थे। 75 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी की हत्या ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया था।
हत्या के पीछे का कारण
जैसा कि गिरफ्तार अभियुक्त अच्छे गौतम ने बताया, घटना की रात वह और उसका साथी कलेन्दर उर्फ घंटी गांजा पीकर मंदिर पहुंचे थे। नशे की हालत में चोरी की योजना बनाई गई। लोहे की आरी से मंदिर के मुख्य गेट पर टंगे पीतल के बड़े घंटे को काटते समय आवाज हुई, जिससे पुजारी जाग गए। पुजारी सीताराम जी आरोपियों को पहचान गए थे – यही उनके लिए मौत की वजह बन गया।
आरोपियों ने पुजारी को पकड़कर मंदिर में ही स्थित कोठरी में ले जाकर गला दबाया और उसके बाद टूटी आरी के नुकीले हिस्से से गर्दन में वार किया।

हत्या के बाद की गई चालाकी
हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और चोरी किए गए 09 घंटे, आरी का टुकड़ा, दीपदान, लोटा आदि सामान को मंदिर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया गया।
पुलिस को शुरुआती समय में हत्या और दुर्घटना के बीच का भेद स्पष्ट नहीं हो पाया था, लेकिन लगातार जांच, सर्विलांस व स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर इस गुत्थी को सुलझा लिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने जताया संतोष
पुलिस अधीक्षक श्री अभिमन्यु मांगलिक ने पूरे अनावरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि –
“जनपद पुलिस का यह सराहनीय कार्य है। 09 माह पुराने एक जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर आमजन में न्याय और सुरक्षा का विश्वास पुनः स्थापित किया गया है। फरार अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु प्रयास जारी हैं।”
जनमानस की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की तत्परता पर संतोष जताया और मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त और सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया जाए।
महत्वपूर्ण तथ्य संक्षेप में:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना | पुजारी सीताराम जी की हत्या |
| तिथि | 30 सितंबर 2024 |
| स्थान | हनुमान मंदिर, बावन बीघा तालाब, सुरियावां |
| गिरफ्तार अभियुक्त | अच्छे गौतम (24 वर्ष) |
| वांछित अभियुक्त | कलेन्दर उर्फ घंटी |
| हत्या का कारण | मंदिर में चोरी करते समय पुजारी द्वारा पहचान लिए जाने का डर |
| बरामद सामान | 09 पीतल के घंटे, आरी/ब्लेड (आला कत्ल), दीपदान, लोटा आदि |
| अभियोग संख्या | मु0अ0सं0-112/2024 धारा-103(1) बीएनएस |
क्या सीखा जाना चाहिए?
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मंदिरों और धर्मस्थलों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है।
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नशे की लत और बेरोजगारी अपराध की जड़ में शामिल हैं।
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स्थानीय स्तर पर सतर्कता और जागरूकता आवश्यक है।
भारत क्रांति न्यूज़ निवेदन करता है कि –
अगर आप किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखें, तो तत्काल अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
पुजारी सीताराम जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, यही समाज की मांग है।
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✍ रिपोर्टर – भारत क्रांति न्यूज़, भदोही ब्यूरो
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Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


