तंत्र-मंत्र के नाम पर अमानवीय कृत्य: 39 दिन पुरानी कब्र खोदी गई

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अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का गहराता प्रभाव: 39 दिन पुरानी कब्र खोदने का सनसनीखेज मामला

सिद्धि, मध्य प्रदेश। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। आरोपी अरमान खान ने तंत्र-मंत्र की सलाह पर अपनी 39 दिन पहले दफनाई गई पत्नी की कब्र खोद डाली। इस अमानवीय घटना ने मृतक की गरिमा को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ समाज में फैले अंधविश्वास और कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


घटना का विस्तृत विवरण

थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि आरोपी ने किसी ओझा के कहने पर यह घिनौना कदम उठाया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी को विश्वास दिलाया गया था कि इस क्रिया से उसकी समस्याओं का समाधान होगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह कृत्य न केवल गैरकानूनी है, बल्कि समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक भी है।


प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने कहा, “यह मामला शिकायत मिलने के तुरंत बाद संज्ञान में लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या घटना में अन्य लोग भी शामिल थे, जिन्होंने आरोपी को यह कृत्य करने के लिए उकसाया।


स्थानीय समुदाय का आक्रोश

घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ कठोर दंड की मांग की है। एक स्थानीय समाजसेवी ने कहा, “यह घटना हमारे समाज में व्याप्त अंधविश्वास और अज्ञानता का प्रतीक है। इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।”


धार्मिक और सामाजिक विशेषज्ञों की राय

धार्मिक नेताओं और समाज सुधारकों ने इस घटना की निंदा की है। एक वरिष्ठ समाजशास्त्री ने कहा, “तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास जैसी कुरीतियां हमारे समाज को अंदर से खोखला कर रही हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि हमें शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान निकालने की जरूरत है।”


तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास पर बढ़ती चिंता

यह घटना समाज में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया है।

जरूरत जन-जागरूकता की

इस घटना ने अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक चेतना के जरिए ही इस प्रकार की कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है।


निष्कर्ष

सिद्धि जिले की यह घटना न केवल कानूनी पहलुओं से जुड़ी है, बल्कि समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी गहरा प्रहार करती है। प्रशासन को इस अवसर का उपयोग समाज में व्याप्त अंधविश्वास के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए करना चाहिए। इसके साथ ही, इस मुद्दे पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

रिपोर्ट: आशु झा | मुख्य संपादक: शिव शंकर दुबे
“भारत क्रांति न्यूज़”

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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