हाथों के बल उल्टा चलकर काशी विश्वनाथ के दर्शन को निकले अशोक, 86 दिन में पहुंचे महराजगंज
महराजगंज। आस्था और संकल्प की शक्ति इंसान को कठिन से कठिन रास्तों पर भी आगे बढ़ने का हौसला देती है। इसकी मिसाल प्रयागराज के झूंसी निवासी अशोक उर्फ मन्नू सोनी पेश कर रहे हैं। बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा के चलते वह हाथों के बल उल्टा चलकर काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकले हैं। बृहस्पतिवार को अपनी 86 दिनों की यात्रा पूरी कर वह महराजगंज पहुंचे।
रोजाना 800 मीटर से एक किलोमीटर का सफर
अशोक उर्फ मन्नू सोनी ने बताया कि बाबा भोलेनाथ के प्रति उनकी अटूट आस्था है। इसी विश्वास के सहारे वह कठिन यात्रा को पूरा करने में जुटे हैं। प्रयागराज के झूंसी से काशी विश्वनाथ मंदिर की दूरी करीब 120 किलोमीटर है। उन्होंने 86 दिन पहले अपनी यात्रा शुरू की थी। इस दौरान वह प्रतिदिन हाथों के सहारे उल्टा चलकर करीब 800 मीटर से एक किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं।
दिनभर यात्रा करने के बाद वह शाम को किसी मंदिर में विश्राम करते हैं और अगली सुबह फिर अपने संकल्प को पूरा करने के लिए निकल पड़ते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से उन्हें इस कठिन यात्रा को पूरा करने की शक्ति मिल रही है।
पहले भी कर चुके हैं ज्योतिर्लिंग के दर्शन
मन्नू सोनी इससे पहले भी हाथों के बल चलकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2022-23 में झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए इसी तरह की यात्रा की थी। उस समय उन्होंने सुल्तानगंज से बासुकीनाथ तक का सफर 163 दिनों में हाथों के सहारे पूरा किया था।
अब वह प्रयागराज से काशी विश्वनाथ धाम तक की यात्रा पर निकले हैं। मन्नू सोनी के अनुसार, उन्हें बाबा भोलेनाथ की कृपा से दूसरे ज्योतिर्लिंग के दर्शन का सौभाग्य मिला है। उन्होंने बताया कि अभी काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने में करीब 30 से 35 दिन और लग सकते हैं।
उनकी यह कठिन यात्रा श्रद्धा, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उदाहरण बन रही है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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