हाईवे से जुड़े छह मार्गों पर गड्ढों की भरमार, 90 हजार की आबादी परेशान; मरम्मत प्रस्ताव अधिकारियों के बस्ते में
चौरी। वाराणसी-भदोही-मछलीशहर हाईवे-731 बी से जुड़े चौरी क्षेत्र के छह संपर्क मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार हैं। करीब 42 गांवों को जोड़ने वाले इन रास्तों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों की मुश्किल और बढ़ गई है। इन मार्गों से करीब 90 हजार की आबादी का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं।
चौरी क्षेत्र के कंधिया-अशोकापुर, बरदहां-मई, ब्रह्माश्रम-अहोपुर, चौरी-सुरेरी, चौरी-ब्लॉक संसाधन केंद्र और रोटहां चौराहा-वेदनमनपुर मार्ग की हालत खराब है। इन सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव फिलहाल अधिकारियों के स्तर पर लंबित है।
कंधिया-अशोकापुर मार्ग पर छह गांवों की आबादी प्रभावित
कंधिया-अशोकापुर मार्ग करीब दो किलोमीटर लंबा है और छह गांवों को जोड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। करीब 15 हजार की आबादी इस मार्ग से प्रभावित है।
बरदहां-मई मार्ग पर हर कदम पर गड्ढे
चार किलोमीटर लंबे बरदहां-मई मार्ग से करीब 12 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यह रास्ता वाराणसी के कलिकाधाम जाने के लिए भी शॉर्टकट माना जाता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण राहगीरों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत होने के कुछ समय बाद सड़क फिर खराब हो जाती है। इस मार्ग से करीब 25 हजार की आबादी जुड़ी है।
ब्रह्माश्रम-अहोपुर मार्ग भी बदहाल
ब्रह्माश्रम-अहोपुर मार्ग करीब दो किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते पर इंटर कॉलेज और विद्युत उपकेंद्र भी स्थित है। सड़क की खराब हालत के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। करीब सात गांवों और 16 हजार की आबादी इस मार्ग से जुड़ी है।
पहली बारिश में चौरी-सुरेरी मार्ग पर जलभराव
चौरी-सुरेरी मार्ग करीब दो किलोमीटर लंबा है और आठ गांवों को जोड़ता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब एक साल पहले इस मार्ग को सीसी रोड बनाया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में सड़क पर पानी भरने लगा है। यह मार्ग जौनपुर को भी जोड़ता है। करीब 18 हजार की आबादी इससे प्रभावित है।
ब्लॉक संसाधन केंद्र जाने वाला मार्ग भी खस्ताहाल
चौरी से ब्लॉक संसाधन केंद्र जाने वाला करीब 600 मीटर लंबा मार्ग पांच गांवों के लिए महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक दशक पहले निर्माण के बाद से इसकी समुचित मरम्मत नहीं हुई है। इस मार्ग से अधिकारियों का भी रोजाना आवागमन होता है। करीब 10 हजार की आबादी इससे जुड़ी है।
रोटहां-वेदनमनपुर मार्ग पर भी नहीं हुई मरम्मत
रोटहां चौराहा से वेदनमनपुर जाने वाला करीब 500 मीटर लंबा मार्ग चार गांवों को जोड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक दशक पहले पिच रोड का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई। अब पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। स्कूली बच्चों समेत आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताई समस्या
चौरी बाजार निवासी आशीष दुबे ने बताया कि चौरी बाजार से ब्लॉक संसाधन केंद्र जाने वाले मार्ग का निर्माण करीब एक दशक पहले हुआ था। इसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। इसी सड़क से अधिकारियों का भी प्रतिदिन आवागमन होता है।
बरदहां निवासी सलीम सिकंदर ने बताया कि बरदहां-मई मार्ग पर हर कदम पर गड्ढे हैं। मरम्मत होने के बाद भी दो साल में सड़क फिर खराब हो जाती है। उन्होंने नए सिरे से सड़क निर्माण की मांग की।
कोल्हण निवासी दुबरी दुबे ने बताया कि चौरी-सुरेरी मार्ग को करीब एक साल पहले सीसी रोड बनाया गया था, लेकिन पहली बारिश में ही सड़क पर पानी भरने लगा है। यह मार्ग जौनपुर को भी जोड़ता है।
वेदनमनपुर निवासी इम्तियाज अंसारी ने बताया कि रोटहां चौराहा से वेदनमनपुर जाने वाले मार्ग का करीब एक दशक पहले पिच निर्माण हुआ था। इसके बाद से मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
छह मार्गों की स्थिति
मार्गलंबाईगांवों की संख्याप्रभावित आबादीकंधिया-अशोकापुर2 किमी615 हजारबरदहां-मई4 किमी1225 हजारब्रह्माश्रम-अहोपुर2 किमी716 हजारचौरी-सुरेरी2 किमी818 हजारचौरी-ब्लॉक संसाधन केंद्र600 मीटर510 हजाररोटहां चौराहा-वेदनमनपुर500 मीटर45 हजार
पीडब्ल्यूडी के जेई योगेंद्र नारायण ने बताया कि जर्जर मार्गों को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधीन आने वाले मार्गों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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