चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, 11 प्रतिष्ठानों में स्टॉक की जांच

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चीनी का स्टॉक तय सीमा से अधिक मिला तो होगी कार्रवाई, 11 प्रतिष्ठानों में प्रशासन की जांच

भदोही। देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए शासन ने चीनी की जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को प्रशासन की टीम ने जिले की तीनों तहसीलों में 11 कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सभी जगह चीनी का भंडारण भारत सरकार की निर्धारित 4,000 क्विंटल की सीमा के भीतर पाया गया।

गोपीगंज क्षेत्र में उप जिलाधिकारी अरुण दीक्षित के नेतृत्व में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक, खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, मंडी समिति गोपीगंज और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने नौ प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें भोला नाथ एंड संस, केशरवानी भंडार, पवन ट्रेडर्स, आरपी ट्रेडर्स, श्री बालाजी एंटरप्राइजेज, रामचंद्र ब्रदर्स, कामता नाथ ट्रेडर्स, शिवम भंडार और न्यू माखन भोग शामिल रहे।

इसी क्रम में औराई के एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने प्रकाश ट्रेडर्स और भदोही में प्रमोद किराना स्टोर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक, भंडारण और संबंधित अभिलेखों की जांच की।

30 दिन से अधिक नहीं रख सकेंगे चीनी का स्टॉक

जांच के दौरान किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण नहीं मिला। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर अपने स्टॉक का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया।

प्रशासन ने कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि चीनी का भंडारण 30 दिन से अधिक समय तक न किया जाए। निर्धारित स्टॉक सीमा का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि चीनी की कीमतों में अनावश्यक वृद्धि और जमाखोरी रोकने के लिए आगे भी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण जारी रहेगा।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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