पंचायत चुनाव 2026: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी चुनावी हलचल

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यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट सख्त, योगी सरकार से मांगा जवाब; जानिए कब हो सकते हैं चुनाव?

लखनऊ | भारत क्रांति न्यूज़

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पंचायत चुनाव में देरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह जानना चाहा है कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई और अब चुनाव कराने में देरी की वजह क्या है।

26 मई को समाप्त हो चुका है पंचायतों का कार्यकाल

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों समेत मौजूदा पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक पंचायत चुनाव नहीं कराए गए हैं। चुनाव में देरी को लेकर संभावित प्रत्याशियों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा रिकॉर्ड

पंचायत चुनाव में देरी से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चुनाव प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट यह देखना चाहता है कि समय रहते चुनाव क्यों नहीं कराए जा सके और प्रक्रिया में देरी के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हैं।

इसके अलावा पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया और पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। हाईकोर्ट पहले भी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की संभावित समय-सीमा को लेकर जानकारी मांग चुका है।

क्या नवंबर तक हो सकते हैं पंचायत चुनाव?

हालिया न्यायिक कार्यवाही के बाद चुनाव की समय-सीमा को लेकर चर्चा तेज है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार हाईकोर्ट ने यह संकेत दिया है कि अधिसूचना जारी होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर मतदान कराया जाना चाहिए। हालांकि अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अंतिम मतदान तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए नवंबर या किसी अन्य निश्चित तारीख को आधिकारिक चुनाव तारीख मानना जल्दबाजी होगी।

अब आगे क्या होगा?

सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी, जिनमें—

  • पंचायतों का परिसीमन/पुनर्गठन, जहां आवश्यक हो
  • OBC आरक्षण की प्रक्रिया
  • आरक्षण सूची तैयार करना
  • मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
  • चुनाव कार्यक्रम जारी करना
  • नामांकन और मतदान की प्रक्रिया

शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी चुनावी हलचल

पंचायत चुनाव की घोषणा का इंतजार कर रहे संभावित प्रत्याशी अब आरक्षण सूची और चुनाव कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। खासतौर पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पदों के संभावित उम्मीदवारों के बीच चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

भारत क्रांति न्यूज़ की अपील: पंचायत चुनाव की तारीख, आरक्षण सूची या सरकारी आदेश से जुड़ी किसी भी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक सूचना की पुष्टि जरूर करें। चुनाव की अंतिम तारीख की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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