तेल में खेल: भदोही में एक साल में जले दो हजार ट्रांसफार्मर, 600 में मिला मानक से कम तेल
भदोही। जिले में बिजली विभाग की लापरवाही और मॉनिटरिंग की कमी के कारण ट्रांसफार्मरों के तेल में बड़ा खेल सामने आ रहा है। ट्रांसफार्मर जलने के बाद जांच में कई बार यह पता चलता है कि उनमें पर्याप्त तेल ही नहीं था। तेल बदलने के नाम पर विभागीय स्तर पर कागजी खानापूरी और हेराफेरी किए जाने की भी चर्चा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में करीब दो हजार ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। इनमें से लगभग 600 ट्रांसफार्मरों में मानक से कम तेल पाया गया। इससे बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हर महीने औसतन 166 ट्रांसफार्मर हो रहे खराब
अधिशासी अभियंता वर्कशॉप शुभेंदु शाह ने बताया कि जिले में हर माह औसतन 166 ट्रांसफार्मर जलते हैं। इनमें से करीब 50 ट्रांसफार्मर तेल की कमी के कारण फुंक जाते हैं। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर में तेल की कमी होने से उसका तापमान तेजी से बढ़ता है और अंततः वह जल जाता है।
दो डिवीजनों में 24 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर
जिले में ज्ञानपुर और भदोही दो वितरण खंडों के अंतर्गत कुल 29 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब दो लाख 50 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। इन उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए 25, 63 और 100 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों का अधिक उपयोग किया जाता है।
जिले में दोनों डिवीजनों को मिलाकर कुल 24 हजार 266 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर बढ़ते लोड के कारण अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी दबाव सहन नहीं कर पा रहे हैं।
गर्मी में बढ़ जाती है समस्या
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल, मई और जून के महीनों में ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इन महीनों में बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ता है।
क्वायल भी हो जाती है क्षतिग्रस्त
अधिकारियों का कहना है कि तेल की कमी से ट्रांसफार्मर के अंदर की क्वायल भी क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे मरम्मत की लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा तेल कम होने से रिसाव और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ती है कटौती
ट्रांसफार्मर जलने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को रोस्टर ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मरों की समय-समय पर तेल की जांच और नियमित रखरखाव किया जाए तो बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मरों को जलने से बचाया जा सकता है और बिजली आपूर्ति भी सुचारु बनी रह सकती है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



