पुल निर्माण में पांच पीपे कम, आवागमन शुरू होने में अभी लगेंगे सात दिन
15–20 हजार की आबादी परेशान, स्टीमर के सहारे नदी पार करने को मजबूर लोग
लालानगर।
जिले को मिर्जापुर से जोड़ने वाले रामपुर घाट पर बनने वाला पीपा पुल इस साल तय समय पर शुरू नहीं हो सका है। पुल निर्माण के लिए पांच पीपे कम पड़ने से आवागमन अब तक बाधित है। हालांकि पुल का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है, लेकिन पीपों की कमी के कारण अभी इसे पूरी तरह चालू नहीं किया जा सका है। इससे क्षेत्र की लगभग 15 से 20 हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
हर साल कार्तिक पूर्णिमा और गंगा दशहरा के अवसर से ही रामपुर घाट पर पीपा पुल पर आवागमन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार दो महीने बीत जाने के बाद भी लोगों को पुल की सुविधा नहीं मिल सकी है। नतीजतन मिर्जापुर और भदोही के बीच आवागमन करने वाले व्यापारी, किसान, छात्र और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा में अधिक जलस्तर बना बाधा
इस वर्ष गंगा नदी में जलस्तर अधिक रहने के कारण पीपा पुल निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। तेज बहाव और पानी की अधिक मात्रा के चलते पीपे लगाने में परेशानी आई। विभागीय प्रयासों के बाद पुल का निर्माण तो लगभग पूरा हो गया, लेकिन अंतिम चरण में पांच पीपे कम पड़ गए।
स्टीमर के सहारे मजबूरी में आवागमन
पीपा पुल चालू न होने से लोग स्टीमर के सहारे गंगा पार कर रहे हैं। इससे समय के साथ-साथ किराया भी अधिक लग रहा है। खासकर किसान और छोटे व्यापारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल शुरू हो जाने से बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाती है।
पुराने पीपों की हो रही मरम्मत
पीडब्ल्यूडी के मेठ रामदुलार ने बताया कि पुल निर्माण के लिए चक्कर प्लेट, लकड़ी और अन्य सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। केवल पांच पीपों की कमी है। घाट पर रखे पुराने पीपों की मरम्मत का काम चल रहा है, जिन्हें जल्द ही पुल में लगाया जाएगा। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
वर्जन
पुल निर्माण के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जो पीपे कम पड़ रहे हैं, उनके लिए पुराने पीपों को दुरुस्त कराया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर पीपा पुल निर्माण पूरा कर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।
— संदीप सरोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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