सुशासन सप्ताह से गांवों में दिखा प्रशासनिक सक्रियता का असर
‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत आयोजित ग्राम चौपालों ने ग्रामीणों को प्रशासन से सीधे जोड़ने का कार्य किया। लंबे समय से लंबित शिकायतें, जो तहसील और ब्लॉक स्तर पर अटकी हुई थीं, उनका मौके पर समाधान होने से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अधिकारी गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, जिससे शासन की मंशा पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ
ग्राम पंचायत सचिवालयों में डिजिटल माध्यमों के प्रयोग से—
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प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन
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आयुष्मान कार्ड का तत्काल पंजीकरण
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फार्मर रजिस्ट्री एवं किसान सम्मान निधि से जोड़ना
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पेंशन योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन
जैसी सेवाएं आसान हुईं। इससे ग्रामीणों को अब तहसील व जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अन्त्योदय वर्ग के लिए विशेष राहत
विशेष कैम्प के माध्यम से—
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वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन
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प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना
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राशन कार्ड संशोधन व पात्रता जांच
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजनाओं की जानकारी
प्रदान की गई। इससे अन्त्योदय एवं कमजोर वर्ग के लोगों को सीधे लाभ मिला।
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का किया गया सत्यापन
ग्राम चौपाल के दौरान—
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर
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आंगनबाड़ी केंद्र
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बेसिक विद्यालयों की स्थिति
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मध्यान्ह भोजन (MDM)
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टीकाकरण एवं संचारी रोग नियंत्रण
जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी गहन समीक्षा की गई।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
“ग्राम चौपाल में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”
जनता में बढ़ा विश्वास, शासन की छवि मजबूत
सुशासन सप्ताह के तहत आयोजित ग्राम चौपालों से प्रशासन की जमीनी मौजूदगी स्पष्ट रूप से सामने आई है। इससे न केवल योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है, बल्कि ग्रामीण जनता में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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