चार मेडिकल स्टोर पर कोडीन कफ सिरप घोटाला उजागर, मुख्य संचालक पर मुकदमा दर्ज

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कोडीनयुक्त कफ सिरप का बड़ा खेल उजागर: चार मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई, संचालक पर मुकदमा दर्ज — जिले में दवाओं की अवैध सप्लाई का बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

📍 ज्ञानपुर (भदोही)। स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और सरकार की सख्त रोक के बावजूद जिले में कोडीनयुक्त कफ सिरप की काली कमाई का धंधा चल रहा था। औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग की कार्रवाई में चार मेडिकल स्टोरों से कोडीनयुक्त और प्रतिबंधित सिरप का अवैध कारोबार सामने आया है। मामले का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।


ऐसे खुला दवाओं के काले धंधे का राज

17 नवंबर को लखनऊ स्थित औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य ने ईमेल के माध्यम से सूचना दी थी कि कानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में संचालित थोक विक्रेता मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित औषधियां भदोही स्थित मेडिकल स्टोर तक पहुंचाई हैं।

 रिकॉर्ड के अनुसार महेंद्र मेडिकल एजेंसी, मर्यादपट्टी को —

प्रतिबंधित औषधि मात्रा
कोडीनयुक्त कफ सिरप 8640 बोतलें
प्यूरोक्सावीन 302 बॉक्स

यह सप्लाई 25 अलग-अलग विक्रय बीजकों के माध्यम से 13 जून 2024 से 26 जुलाई 2025 के बीच की गई।


छापेमारी के दौरान चौंकाने वाली बातें

18 नवंबर को छापेमारी में स्टोर के प्रोपराइटर संजीव गुप्ता मौके पर मिले
 उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री स्वीकार की
 लेकिन दवाओं का कोई स्टॉक नहीं मिला — दलील दी गई कि “दवाएं बेच दी गई हैं”

ऐसे में यह आशंका गहराई कि:

 दवाएं नशे के उद्देश्यों से बेची जा रही थीं
 डॉक्टर के पर्चे का बिना उपयोग की गई बिक्री का नेटवर्क सक्रिय था
 किसी रैकेट के माध्यम से छात्रों और युवाओं तक सप्लाई की जा रही थी

साक्ष्यों के आधार पर महेंद्र मेडिकल एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।


तीन और मेडिकल स्टोर पर एक्शन — लाइसेंस निलंबन की संस्तुति

जांच टीम जब तीन अन्य दुकानों पर पहुंची तो वे बंद मिलीं ⤵

मेडिकल स्टोर स्थान
श्री गुरुदेव मेडिकल एजेंसी अमवा कला
ओपी फार्मा तियुरी, महराजगंज
राजेंद्र एंड संस परसीपुर, चौरी

इन दुकानों के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक
 लाइसेंस निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई
 दवाओं के बिल और रजिस्टर सीज़, सत्यापन शुरू


किस-किस धारा में मुकदमा दर्ज हुआ

संचालक पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की इन धाराओं के तहत केस:

  • धारा 18 (प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री)

  • धारा 18(C) (लाइसेंस नियमों का उल्लंघन)

  • धारा 22 (दस्तावेज़ और रजिस्टर न दिखाना)

  • धारा 27 (अवैध बिक्री पर दंड)

इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ 5 वर्ष तक सजा का प्रावधान है।


स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल — दुकानों के आसपास पुलिस तैनात

कार्रवाई की खबर फैलते ही मेडिकल मार्केट और कई गांवों में चर्चा तेज हो गई है।
युवाओं में नशे की बढ़ती लत को देखते हुए अभिभावकों में भी चिंता बढ़ी है।

विभाग इस मामले को सिर्फ दवा दुकानों तक सीमित नहीं मान रहा —
👉 सप्लाई चैन और खरीदार नेटवर्क पर भी जांच आगे बढ़ेगी।


 औषधि निरीक्षक कुमार सौमित्र ने कहा

“दवाओं के रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। अगर अन्य मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेता या दलाल इससे जुड़े पाए गए तो सभी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस मामले को किसी भी स्तर पर दबाने नहीं दिया जाएगा।”

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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