सुरियावां में पागल कुत्ते का आतंक — दो दिन में 34 लोग घायल, ग्रामीणों ने कुत्ते को मार गिराया
सुरियावां (भदोही)। नगर के नेता नगर, मनापुर, मलेपुर और बाईपास रोड पर एक पागल कुत्ते ने दो दिनों तक आतंक मचाए रखा। अलग-अलग इलाकों में हमला कर उसने कुल 34 लोगों को घायल कर दिया। घबराए ग्रामीणों ने गुरुवार को कुत्ते को घेरकर मार गिराया। घटना के बाद लोग राहत की सांस ले रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने घायलों का इलाज शुरू कर दिया है।
दो दिन तक रहा खौफ का माहौल
बुधवार से शुरू हुआ यह आतंक गुरुवार तक जारी रहा। कुत्ता सड़कों और गलियों में घूमते हुए हर किसी पर झपट रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुत्ते के मुंह से झाग निकल रहा था और वह अत्यधिक आक्रामक था। किसी को पैर में, किसी को हाथ में काट लिया। कई बच्चे और महिलाएं भी उसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ता अचानक बाईपास रोड की ओर भाग गया। बाद में मलेपुर के पास उसे घेरकर मार दिया गया। तभी इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।
पीड़ितों की सूची और इलाज
घायल लोगों में मलेपुर की ममता देवी, सावित्री देवी, राजित सरोज, नन्कू, गीता देवी और सुरियावां नगर के अजय कुमार, संजय कुमार, मोहन समेत कई लोग शामिल हैं। सभी घायलों को सुरियावां सीएचसी लाया गया, जहां उन्हें रेबिज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक अभिषेक नाग ने बताया,
“सभी घायलों को तुरंत इंजेक्शन लगाए गए हैं। रैबिज-वैक्सीन का कोर्स चार चरणों में पूरा किया जाता है—पहला इंजेक्शन 24 घंटे के अंदर, दूसरा तीसरे दिन, तीसरा सातवें दिन और चौथा 28वें दिन लगाया जाता है।”
उन्होंने कहा कि अगर इंजेक्शन समय पर न लगाया जाए, तो संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है और मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
यह कोई पहली घटना नहीं है। सिर्फ एक सप्ताह पहले चौरी बाजार में पागल कुत्ते ने दस लोगों को काटा था। बारिश के मौसम में कुत्तों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है। जानकारों के अनुसार, गीले वातावरण में संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे कुत्तों में आक्रामक प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की अपील
सीएचसी अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को कुत्ता काटे, तो उसे हल्के में न लें।
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सबसे पहले घाव को कम से कम 15 मिनट तक बहते पानी और साबुन से धोएं।
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तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाएं।
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किसी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराएं।
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इंजेक्शन का पूरा कोर्स पूरा करें, बीच में न छोड़ें।
अधिकारी ने यह भी बताया कि पागल कुत्ते के काटने पर शरीर में वायरस सक्रिय होने पर व्यक्ति में कुत्ते जैसी हरकतें, पानी से डरना और झटके आना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, जो घातक होते हैं।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत और पशु विभाग की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं।
स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया,
“पिछले कई महीनों से गलियों में दर्जनों आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। प्रशासन को पकड़ने की अपील की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते ध्यान दिया गया होता तो इतने लोग घायल न होते।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूचना मिलने पर नगर पंचायत सुरियावां की टीम और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र में अन्य कुत्तों की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, रैबिज वैक्सीन की अतिरिक्त डोज़ सीएचसी में भेजी जा रही है।
अधिकारी ने कहा कि टीम अब गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाएगी ताकि लोग समय पर उपचार करवा सकें और अफवाहों से बचें।
विशेषज्ञों की राय
पशु चिकित्सक डॉ. प्रमोद तिवारी के अनुसार,
“पागल कुत्ता आमतौर पर खुद संक्रमित होता है। यह संक्रमण किसी अन्य संक्रमित जानवर या वायरस के संपर्क में आने से होता है। एक बार लक्षण दिखने के बाद इंसान या जानवर को बचाना मुश्किल होता है, इसलिए रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।”
उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति पालतू कुत्ता रखता है, उसे समय-समय पर रैबिज टीका लगवाना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।
निष्कर्ष
दो दिनों में 34 लोगों को घायल करने वाली इस घटना ने पूरे सुरियावां क्षेत्र में दहशत फैला दी है। फिलहाल ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि समय रहते आवारा और संक्रमित कुत्तों पर नियंत्रण जरूरी है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

