राबड़ी देवी का सनसनीखेज आरोप: तेजस्वी यादव की हत्या की चार बार कोशिश

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बिहार विधानसभा में राजनीतिक भूचाल: राबड़ी देवी का बड़ा खुलासा – तेजस्वी यादव की हत्या की चार बार कोशिश, बीजेपी-जेडीयू पर साजिश का आरोप

पटना। बिहार विधानसभा का गुरुवार का सत्र बेहद हंगामेदार और ऐतिहासिक बन गया, जब सदन के भीतर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने ऐसा बयान दिया जिसने न सिर्फ सदन बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया।

राबड़ी देवी ने दावा किया कि उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की हत्या की अब तक चार बार कोशिश की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह साजिश सुनियोजित ढंग से की गई और इसके पीछे सत्ता में बैठे लोग ही शामिल हैं। उन्होंने कहा, “रास्ते में… ट्रेन में… हेलिकॉप्टर से… हर जगह तेजस्वी को खत्म करने की कोशिश की गई। आज सदन के भीतर भी तेजस्वी की हत्या की साजिश हो रही है।”

सीधे निशाने पर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन
राबड़ी देवी ने इस साजिश के लिए किसी अज्ञात शक्ति पर नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “बीजेपी-जेडीयू के अलावा और कौन कर सकता है ऐसी साजिश? ये लोग तेजस्वी की आवाज को दबाना चाहते हैं, लेकिन वे जनता का मुंह बंद नहीं कर सकते।”

राबड़ी देवी के इस बयान ने एक झटके में बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए और राज्य सरकार की मंशा पर संदेह जताया।

सदन में नारेबाजी और हंगामा
राबड़ी देवी के आरोप के तुरंत बाद सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। विपक्षी विधायकों ने “हाय-हाय” के नारे लगाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे सिरे से नकारते हुए विपक्ष पर ‘जनता को गुमराह करने’ का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से हालांकि तत्काल कोई जवाब नहीं आया, लेकिन सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने राबड़ी देवी के बयान को “राजनीति का ड्रामा” करार दिया और कहा कि विपक्ष मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है।

तेजस्वी की लोकप्रियता और सियासी संदर्भ
तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में युवाओं के बड़े नेता के तौर पर उभरे हैं। वे न सिर्फ विधानसभा में मजबूत विपक्ष का नेतृत्व कर चुके हैं, बल्कि कई मौकों पर नीतीश सरकार को कड़ी चुनौती भी दे चुके हैं। ऐसे में राबड़ी देवी के आरोप को केवल बयानबाजी के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे सत्ता विरोधी भावना को और भड़काने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

भविष्य की राजनीति पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर राबड़ी देवी के आरोपों की जांच नहीं हुई या सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले समय में विपक्ष इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकता है। इससे सरकार की कानून व्यवस्था की छवि पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, अगर जांच के बाद आरोपों में सच्चाई नहीं मिलती, तो विपक्ष की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी बहस
राबड़ी देवी के इस बयान ने तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर एक बड़े नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक हो सकती है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?

क्या कहता है सत्ता पक्ष?
सत्ताधारी गठबंधन के कुछ नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राबड़ी देवी का बयान पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उनका दावा है कि सरकार ने तेजस्वी यादव को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई है और उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती गई है।

राजनीतिक पारा चढ़ा
फिलहाल बिहार की राजनीति में राबड़ी देवी के इस बयान के बाद नया मोड़ आ गया है। विपक्ष इस मुद्दे को और उछालने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष इसे नकारने में जुटा है। आने वाले दिनों में इस पर जांच या विशेष समिति की मांग भी उठ सकती है।

बहरहाल, राबड़ी देवी के इस बड़े खुलासे ने बिहार की राजनीति को नए सिरे से गरमा दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इसका जवाब कैसे देती है और विपक्ष इसे किस तरह भुनाता है।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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