पांच साल बाद फिर शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा, गाजियाबाद से पहला जत्था रवाना

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पांच साल बाद फिर शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा, गाजियाबाद से रवाना हुआ पहला जत्था

 भारत क्रांति न्यूज़ ब्यूरो

लंबे इंतजार और कोविड-19 महामारी के चलते पांच वर्षों तक बंद रही पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से आरंभ हो गई है। श्रद्धालुओं के लिए यह खबर किसी पुनर्जन्म से कम नहीं है। आज रविवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से पहला जत्था हर्षोल्लास के साथ रवाना हुआ।

यात्रा की विधिवत शुरुआत

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित ‘मानसरोवर यात्रा भवन’ से यात्रा की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पहले जत्थे को रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा,

“यह यात्रा न केवल आस्था की प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यात्रियों की सुरक्षा, चिकित्सा, और आवास से लेकर मार्गदर्शन तक सभी सुविधाओं का उच्च स्तर पर प्रबंध किया गया है।”

यात्रा की प्रमुख विशेषताएं:

  • स्थान: गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)

  • कुल जत्थे: 15

  • कुल तीर्थयात्री: 50

  • यात्रा की अवधि: 15 जून 2025 से 25 अगस्त 2025

  • संचालन: उत्तर प्रदेश सरकार की निगरानी में

  • रूट: नेपाल के रास्ते तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक

सरकार की विशेष तैयारी

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निम्नलिखित उपाय किए हैं:

  • मेडिकल चेकअप कैंप: यात्रा से पहले सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया है।

  • इंश्योरेंस कवर: प्रत्येक यात्री का बीमा सुनिश्चित किया गया है।

  • संचार सुविधा: सैटेलाइट फोन और ट्रैकिंग डिवाइसेज़ से हर जत्थे की लोकेशन ट्रैक की जाएगी।

  • भाषा विशेषज्ञ और गाइड: नेपाली और तिब्बती भाषा जानने वाले गाइड यात्रा दल के साथ हैं।

  • आपातकालीन सहायता: ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा किट प्रत्येक दल में उपलब्ध।

श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति भाव

यात्रा के लिए चुने गए तीर्थयात्रियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। पहली बार जा रहे रामेश्वर तिवारी नामक श्रद्धालु ने बताया,

“यह मेरा सपना था कि एक बार कैलाशपति भोलेनाथ के दर्शन करूं। यूपी सरकार ने जो सहयोग किया है, वो अद्भुत है।”

महिलाएं, बुजुर्ग और युवा – सभी वर्गों से आए श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आतुर नजर आए।

भविष्य की योजना

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने यह भी बताया कि आने वाले वर्षों में इस यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए यूपी सरकार डिजिटल पोर्टल, यात्रा सब्सिडी, और स्थायी ट्रांजिट केंद्र जैसे प्रावधानों पर कार्य कर रही है।


क्या है कैलाश मानसरोवर यात्रा?

कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तिब्बत में स्थित हैं और हिंदू, बौद्ध, जैन व बोन धर्मों में अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का धाम है और मानसरोवर झील उनके चरणों का जल। यहां की यात्रा करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।


भारत क्रांति न्यूज़ विशेष

हमारी टीम इस यात्रा की पूरी कवरेज करेगी। यात्रा से जुड़ी हर अपडेट, यात्रियों के अनुभव, और सरकार की तैयारियों की जानकारी आपको समय-समय पर www.bharatkrantinews.com पर मिलती रहेगी।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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