5 दिन की दुल्हन बनी विधवा, कोरियर में आया बम – बदले की ऐसी कहानी नहीं सुनी होगी

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“शादी का तोहफा बना मौत का पार्सल – अंग्रेजी टीचर के बदले की खौफनाक दास्तान”

रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़


पांच दिन की नई नवेली शादी, और धमाके से उजड़ गया घर

18 फरवरी 2018 को सौम्य शेखर साहू और रीमा की शादी पूरे धूमधाम से संपन्न हुई थी। सौम्य पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और उनका परिवार ओडिशा के बलांगीर जिले के पाटनगढ़ कस्बे में रहता था। नई बहू के आगमन से परिवार में हर्षोल्लास था। लेकिन यह खुशी केवल पांच दिनों की मेहमान रही।

23 फरवरी को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे, एक कोरियर बॉय सौम्य के घर एक गिफ्ट पैक लेकर पहुंचा। पार्सल पर रायपुर निवासी एक ‘एसके शर्मा’ का नाम बतौर प्रेषक लिखा हुआ था। शादी के मौसम में ऐसा तोहफा असामान्य नहीं लगता। सौम्य ने मुस्कराते हुए वह पार्सल स्वीकार किया और अपनी पत्नी और दादी को बुलाया।

पार्सल को खोलने के लिए जैसे ही सौम्य ने उस पर बंधे सफेद धागे को खींचा, उसी क्षण एक भयंकर धमाका हुआ, जिसने रसोई की छत तक उड़ा दी। धमाका इतना तेज था कि सौम्य और उनकी दादी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रीमा गंभीर रूप से घायल हो गईं।


कोई दुश्मनी नहीं, फिर क्यों हुआ ये कांड?

पहली नज़र में यह मामला निजी दुश्मनी जैसा नहीं लग रहा था। सौम्य एक शांत स्वभाव के युवक थे, जिनकी किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी। पुलिस के लिए यह घटना एक गहरी पहेली बन गई थी। 100 से अधिक लोगों से पूछताछ, कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया, लैपटॉप और मोबाइल की पूरी जांच के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा।

कोरियर से भेजे गए पार्सल की पड़ताल की गई, लेकिन जिस कोरियर एजेंसी से यह भेजा गया था, वहां सीसीटीवी कैमरे और पार्सल स्कैनिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। साफ था कि कातिल ने बहुत सोच-समझकर, प्लानिंग के साथ यह ऑफिस चुना था।


एक गुमनाम चिट्ठी ने बदल दिया केस का रुख

कई सप्ताह तक छानबीन के बाद भी जब पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली, तब अचानक बलांगीर एसपी के दफ्तर में एक गुमनाम चिट्ठी आती है। यह चिट्ठी न सिर्फ धमाके की जिम्मेदारी लेती है, बल्कि पुलिस को चुनौती भी देती है।

“धमाका इसलिए किया गया क्योंकि विश्वासघात हुआ था। ये एक प्रोजेक्ट था, जिसे तीन लोगों ने पूरा किया है। कानून कुछ नहीं कर सकता, इसलिए ये कदम उठाना पड़ा।”

इस पत्र की भाषा, शैली और सोच पुलिस को कुछ इशारा देती है। सौम्य की मां, जो खुद पास के कॉलेज में प्रिंसिपल थीं, ने इस चिट्ठी को पढ़ते ही बताया कि यह लिखावट और भाषा उनके ही कॉलेज के अंग्रेजी शिक्षक पुंजीलाल मेहर से मेल खाती है। उन्होंने बताया कि 2017 में पुंजीलाल को हटाकर उन्हें प्रिंसिपल बनाया गया था, जिससे वह बहुत नाराज था और अक्सर “प्रोजेक्ट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता था।


मास्टरमाइंड की मनोवैज्ञानिक ग्रंथि

1996 में अंग्रेजी शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू करने वाले पुंजीलाल को 2014 में कॉलेज का प्रिंसिपल बना दिया गया था। लेकिन 2017 में जब उन्हें पद से हटाकर सौम्य की मां को यह ज़िम्मेदारी दी गई, तो उन्होंने इसे निजी अपमान समझा। इसी अपमान की आग में वह बदले की इतनी खतरनाक योजना बना बैठा।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अक्टूबर 2017 से ही पुंजीलाल पटाखों से बारूद निकालकर एक बम तैयार करने लगा था। उसने इसे एक खूबसूरत गिफ्ट पैक में छिपाया और शादी के ठीक बाद इस बम पार्सल को रायपुर से कोरियर किया।


ट्रेन से बम ले गया, मोबाइल घर पर छोड़ दिया

पुंजीलाल की योजना बेहद चालाकी से बनाई गई थी। वह पार्सल भेजने वाले दिन अपना मोबाइल घर पर छोड़कर रेलवे स्टेशन गया ताकि उसकी लोकेशन घर में ही दिखाई दे। वहां से बिना टिकट के ट्रेन में रायपुर पहुंचा और वहां से फर्जी नाम—एसके शर्मा—से पार्सल को बुक किया। उसने जानबूझकर ऐसा कोरियर ऑफिस चुना जहां कोई निगरानी न हो।

शादी में शामिल होने के बाद, और यहां तक कि अंतिम संस्कार में भी वह शरीक हुआ, जिससे किसी को शक न हो। लेकिन उसकी सबसे बड़ी भूल थी – वह गुमनाम चिट्ठी, जिसे उसने पुलिस को भेजा। यही उसकी गिरफ़्तारी का कारण बनी।


न्याय की जीत – कोर्ट का फैसला

इस मामले में सात साल तक चली सुनवाई के बाद, 28 मई 2025 को अदालत ने पुंजीलाल मेहर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि विश्वास, नैतिकता और मानवता की हत्या है। यह एक शिक्षित व्यक्ति द्वारा रचे गए “पूर्व-नियोजित नरसंहार” जैसा अपराध है।

हालांकि, सौम्य के परिवार ने अदालत से दोषी को फांसी की सजा की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद का निर्णय लिया।


टूट गया एक परिवार, छूटा एक जख्म

रीमा आज भी उस घटना की मानसिक और शारीरिक पीड़ा से पूरी तरह उबर नहीं पाई हैं। सौम्य के माता-पिता के लिए ये सिर्फ बेटे की मौत नहीं थी, बल्कि अपने ही सहयोगी द्वारा किए गए विश्वासघात का जख्म था।


रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़


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Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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