भदोही में ज़मीन पर दो पक्षों का दावा, एक पक्ष ने दिखाए दस्तावेज, दूसरा बोला – कोर्ट में मामला लंबित है

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बिहियापुर में ज़मीन विवाद ने पकड़ा तूल, न्यायालय में लंबित मामले में प्रशासन की कार्यवाही पर उठे सवाल

सुरियावां (भदोही), भारत क्रांति न्यूज़।
जनपद भदोही के थाना सुरियावां क्षेत्र के ग्राम सभा बिहियापुर में ज़मीन को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। यहां दो पक्ष – एक ओर चंद्रमणि पाल और शेषमणि पाल, और दूसरी ओर शांति देवी – एक ही भूमि पर अपना-अपना अधिकार जताते हुए आमने-सामने आ गए हैं। यह विवाद अब न सिर्फ स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि पूरे गांव में तनाव का कारण भी बन गया है।

चंद्रमणि पाल और शेषमणि पाल का दावा है कि विवादित भूमि उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन है और इस पर स्वामित्व को लेकर पहले से ही मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद, पुलिस व प्रशासन की ओर से दबाव बनाकर एक पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

भारत क्रांति न्यूज़ से बातचीत में पीड़ितों ने कहा:

“हमने प्रशासन को लिखित रूप में सूचित किया है कि मामला कोर्ट में है। फिर भी ज़बरन नल खुदवाने की कार्यवाही कराई जा रही है। यह हमारे अधिकारों का उल्लंघन है।”

वहीं, शांति देवी का कहना है कि उन्होंने उक्त भूमि का पट्टा 2022 में सरकारी योजना के अंतर्गत प्राप्त किया है और उन्होंने सभी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद नल खुदवाने की प्रक्रिया शुरू की है। शांति देवी ने भारत क्रांति न्यूज़ को भूमि पट्टा से संबंधित दस्तावेज़ भी दिखाए, जिनमें ग्राम पंचायत और तहसील स्तर के दस्तावेज शामिल हैं।

उनका तर्क है:

“मैंने किसी अवैध तरीके से ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं किया है। यह भूमि मुझे सरकारी योजना के तहत मिली है और मैं पानी की सुविधा के लिए नल लगवा रही हूँ।”

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

इस विवाद के केंद्र में अब प्रशासन की भूमिका है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय राजस्व अधिकारी शांति देवी के पक्ष में झुकाव रखते हैं और निष्पक्ष जांच के बजाय जल्दबाज़ी में कार्रवाई कर रहे हैं।

ग्रामीणों का भी कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो गांव में शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।

प्रमुख सवाल

  1. जब जमीन से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है, तो क्या प्रशासन को किसी भी प्रकार की कार्यवाही रोकनी नहीं चाहिए?

  2. क्या दोनों पक्षों को समान अवसर देकर, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन को पहले स्थिति स्पष्ट नहीं करनी चाहिए थी?

  3. क्या पट्टा देने से पहले यह सुनिश्चित किया गया था कि भूमि विवादमुक्त है?

इस मामले को देखते हुए ज़रूरत है:

  • तत्काल प्रभाव से कार्यवाही पर रोक लगे, जब तक कि न्यायालय से स्पष्ट आदेश न आ जाए।

  • उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर पूरे भूमि पट्टा और स्वामित्व इतिहास की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  • गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाए।

भदोही के बिहियापुर गांव में यह ज़मीन विवाद एक सामान्य प्रशासनिक मुद्दा मात्र नहीं है, बल्कि ग्रामीण न्याय, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही की एक अहम परीक्षा बन गया है। यदि इस मामले का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ, तो इसका असर न सिर्फ दोनों पक्षों पर, बल्कि पूरे गांव के सामाजिक माहौल पर पड़ेगा।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले को कितनी पारदर्शिता और संवेदनशीलता से संभालता है।

मुख्य संपादक : शिवशंकर दुबे 
रिपोर्ट: आशु झा, भारत क्रांति न्यूज़, भदोही 

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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