ज्ञानपुर में समाजवादी पार्टी का ऐतिहासिक विरोध: भाजपा के ‘मुर्दा टैक्स’ को लेकर जोरदार प्रदर्शन

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मुर्दों पर टैक्स: भाजपा सरकार के खिलाफ समाजवादी पार्टी का विशाल विरोध प्रदर्शन

ज्ञानपुर, 27 अगस्त 2024
आशु झा, संपादक – भारत क्रांति न्यूज़

भाजपा सरकार की विवादित नीतियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने आज ज्ञानपुर जिला मुख्यालय पर एक ऐतिहासिक और उग्र प्रदर्शन किया। भोगांव घाट पर अंतिम संस्कार के लिए 1,000 रुपये के टैक्स वसूले जाने के खिलाफ उठी जनता की आवाज को बुलंद करते हुए, सैकड़ों समाजवादी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस कर को गरीब और वंचित वर्गों पर सीधा हमला बताते हुए इसे तुरंत समाप्त करने की मांग की।

भाजपा सरकार पर तीखे आरोप

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “यह सरकार अब मुर्दों से भी टैक्स वसूलने में पीछे नहीं है। इतिहास में ऐसी किसी भी सरकार का उदाहरण नहीं मिलता जिसने मृतकों पर कर लगाया हो। भाजपा ने गरीबों और पिछड़े वर्गों पर आर्थिक बोझ डालने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि अंग्रेजों के शासन काल में भी, जब देश गुलाम था, तब भी मुर्दों पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया। “आज, 77 वर्षों की आजादी के बाद, हम एक ऐसी सरकार के अधीन हैं जो गरीबों से न केवल उनकी जीविका पर बल्कि उनकी मृत्यु के बाद भी वसूली करने में जुटी है,” प्रदीप यादव ने कहा।

भोगांव घाट: एक सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर

भोगांव घाट, जिसे ‘छोटी काशी’ के नाम से जाना जाता है, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह घाट मुख्यतः गरीब और ग्रामीण समुदाय के लोगों के लिए अंतिम संस्कार का प्रमुख स्थल है। जहाँ एक ओर अमीर और समृद्ध लोग वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों या रामपुर घाट जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कराते हैं, वहीं दूसरी ओर भोगांव घाट उन लोगों के लिए एक सुलभ और सम्मानजनक विकल्प है जो महंगे घाटों का खर्च वहन नहीं कर सकते।

समाजवादी पार्टी का आरोप है कि इस घाट पर 1,000 रुपये का टैक्स वसूले जाने से गरीब, मजदूर, किसान, और पिछड़े वर्गों के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। “यह घाट हमारे जिले के 99% लोगों के अंतिम संस्कार का स्थान है। यहाँ से लिया जा रहा यह टैक्स न केवल आर्थिक शोषण है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक परंपराओं पर भी प्रहार है,” प्रदीप यादव ने कहा।

व्यापक जनसमर्थन और नेताओं की भागीदारी

प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें जिला महासचिव ह्रदयनारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री रामकिशोर बिंद, जिला उपाध्यक्ष कल्लन यादव, रमाशंकर यादव, और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर इस ‘मुर्दा टैक्स’ के खिलाफ आवाज उठाई और भाजपा सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी, असंवेदनशील, और सामाजिक धरोहरों के खिलाफ बताया।

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानपुर जिला मुख्यालय पर विशाल रैली निकाली, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस टैक्स को तुरंत समाप्त करने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया कि यदि यह टैक्स तुरंत समाप्त नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

भाजपा सरकार पर सनातन धर्म के सिद्धांतों को चुनौती देने का आरोप

प्रदीप यादव ने भाजपा सरकार पर सनातन हिंदू धर्म के सिद्धांतों और भारतीय संस्कृति पर हमला करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार हिंदू धर्म के सिद्धांतों की बात करती है, लेकिन उनके काम इससे बिलकुल उलट हैं। उन्होंने सबसे पहले इस ‘मुर्दा टैक्स’ को हिंदुओं पर ही लागू किया है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान है, बल्कि भारतीय संस्कृति के खिलाफ भी है।”

जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र सौंपा

प्रदर्शन के अंत में, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र सौंपा, जिसमें इस टैक्स को तुरंत हटाने की मांग की गई है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे इस मुद्दे पर और भी उग्र आंदोलन करेंगे।

आंदोलन का विस्तार और भविष्य की रणनीति

समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर अपने संघर्ष को और भी तेज करने का संकल्प लिया है। प्रदीप यादव ने चेतावनी दी कि यदि इस टैक्स को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को हर गांव, हर जिले और हर शहर तक ले जाएगी। “हम समाजवादी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठने वाले हैं। यह आंदोलन सड़क से संसद तक जाएगा। हम हर गाँव से एक नौजवान निकालेंगे जो इस अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार होगा,” यादव ने कहा।

भविष्य की राजनीति पर प्रभाव

यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है। समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को गरीबों, मजदूरों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों से जोड़ दिया है, और यह संघर्ष भाजपा सरकार के खिलाफ एक प्रमुख राजनीतिक लड़ाई का रूप ले सकता है।

भारत क्रांति न्यूज़ इस संघर्ष के हर पहलू पर नजर बनाए हुए है और आपको इस मुद्दे पर हर महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराता रहेगा। जुड़े रहिए हमारे साथ और जानिए कैसे यह संघर्ष आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बदलाव ला सकता है।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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