ज्ञानपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिले के 235 सरकारी और 140 निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम में ओपीडी से पहले मरीजों का आभा (ABHA) कार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक इस सुविधा को पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर आभा कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके चक ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रत्येक मरीज का ओपीडी पर्चा बनाने से पहले उसका आभा कार्ड तैयार किया जाए। इससे मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आजकल लोगों की बदलती जीवनशैली के कारण कई प्रकार की बीमारियां सामने आ रही हैं। मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में कई बार जांच करानी पड़ती है, लेकिन कई बार लोग अपनी पुरानी रिपोर्ट सुरक्षित नहीं रख पाते। ऐसे में डॉक्टर को बीमारी का पूरा इतिहास नहीं मिल पाता और उपचार में दिक्कत आती है।
आभा कार्ड बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, क्योंकि मरीज की सभी जांच रिपोर्ट, इलाज का विवरण और दवाओं का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। डॉक्टर सिर्फ कार्ड नंबर दर्ज करके मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन बनने वाले आभा कार्ड की समीक्षा भी की जाएगी। यदि किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया गया है।
आभा कार्ड बनवाने के लिए मरीज को आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना जरूरी होगा। कार्ड बनने के बाद उस पर अंकित छह अंकों के नंबर के आधार पर पंजीकरण काउंटर से मरीज का ओपीडी पर्चा बनाया जाएगा।
आभा कार्ड के प्रमुख फायदे
- मरीज के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध होगी।
- मरीज अपने मेडिकल रिकॉर्ड को अस्पतालों, क्लीनिकों और डॉक्टरों के साथ आसानी से साझा कर सकेगा।
- आयुष प्रणाली के तहत आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के इलाज में भी यह कार्ड मान्य रहेगा।
- इलाज के दौरान बार-बार कागजी रिपोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस तरह बनाएं आभा कार्ड
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- Create ABHA Number विकल्प पर क्लिक करें।
- आधार कार्ड नंबर दर्ज करें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करें।
- सत्यापन के बाद 14 अंकों का डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा नंबर) जनरेट हो जाएगा।
सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक लोगों का आभा कार्ड बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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