यूजीसी की नीतियों के समर्थन में भदोही बार का जुलूस, सर्रोई में गूंजा समर्थन का स्वर
सर्रोई (भदोही)।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नीतियों को लेकर चल रहे विरोध के बीच अब समर्थन की आवाज भी मुखर होने लगी है। शुक्रवार को भदोही तहसील बार एसोसिएशन ने यूजीसी की नीतियों के समर्थन में खुलकर मोर्चा संभाल लिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र कुमार बिंद के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सर्रोई में जुलूस निकालते हुए सरकार से इन नीतियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
जुलूस के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी की नई नीतियां शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। वक्ताओं का कहना था कि यह एक्ट समाज के दबे-कुचले, पिछड़े और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा करेगा। इसके लागू होने से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में रैगिंग, भेदभाव और अनुशासनहीन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ संगठन और लोग निजी स्वार्थों के चलते इन नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि समाज की बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा संस्थानों में समान अवसर और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए यह नीति बेहद जरूरी है।
बार अध्यक्ष महेंद्र कुमार बिंद ने कहा कि जब तक यूजीसी की नई नीतियां पूरी तरह लागू नहीं हो जातीं, तब तक अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि दबाव की राजनीति में आए बिना इस एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ सके।
जुलूस के दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए समर्थन जताया और आमजन से भी इस नीति के पक्ष में जागरूक होने की अपील की।
इस अवसर पर शोभनाथ यादव, राजेंद्र प्रसाद, नन्हेलाल सरोज, दशरथ कुशवाहा, मोतीलाल, गंगाराम यादव, विनय कुमार, संदीप कुमार यादव, लाल बहादुर यादव, मुलायम सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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