लोक सेवक को चोट पहुँचाने वाले तीन दोषियों को एक साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया गया
ज्ञानपुर: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद मिश्र की अदालत ने लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने, चोट पहुँचाने और आपराधिक धमकी देने के मामले में तीन दोषियों को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई है।
अदालत ने जोगिनका के प्रमोद सिंह उर्फ भंवर, सुरेश सिंह उर्फ गब्बर और कठौता निवासी डिंपल उर्फ विवेक सिंह को दोषी पाया। आरोपितों के खिलाफ पहले विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जांच और साक्ष्य संकलन के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।
अदालत द्वारा सुनाई गई सजा:
- प्रमोद सिंह, सुरेश सिंह और डिंपल: 1 वर्ष का कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड।
- धारा 353 (सरकारी कर्मी को कर्तव्य से रोकना): 9 महीने का कारावास और 8,000 रुपये का अर्थदंड।
- धारा 323 (साधारण चोट पहुँचाना): 1 महीने का कारावास और 500 रुपये का जुर्माना।
- धारा 506 (आपराधिक धमकी): 1 महीने का कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड।
अदालत ने कहा कि लोक सेवकों पर हमला और उनके कर्तव्यों में बाधा डालना गंभीर अपराध है और इससे निपटने के लिए कानून सख्त कदम उठाता है।
इस मामले से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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