सुरियावां-घोसिया में दूषित जल संकट: 5000 घर प्रभावित, एक महीने में 40 शिकायतें

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सुरियावां और घोसिया में दूषित पानी की मार: 5000 घर प्रभावित, एक महीने में 40 शिकायतें

ज्ञानपुर: सुरियावां और घोसिया के नागरिकों के लिए दो साल से पेयजल संकट बना हुआ है। लीकेज और टूटी पाइपलाइन के कारण लगभग 5000 घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। बावजूद इसके नगर पंचायत ने अब तक ठोस कदम नहीं उठाए।

 समस्या का कारण

  • सीवर और पेयजल की पाइपलाइनें बगल-बगल होने के कारण पानी दूषित हो रहा है।

  • सुरियावां में वार्ड नंबर 1 (अंबेडकर नगर) और घोसिया में वार्ड नंबर 7, 9 और 12 के घरों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।

  • बिजली के खंभे पाइपलाइन के पास लगे होने के कारण लीकेज की मरम्मत में बाधा आ रही है।

शिकायत और विभागीय प्रतिक्रिया

  • एक महीने में लगभग 40 शिकायतें दर्ज की गई।

  • सुरियावां के सभासद ने 25 बार शिकायत की, बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ।

  • ईओ घोसिया डॉ. अनुपम कुमार का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली।

  • सुरियावां के ईओ सुजीत ने कहा कि खंभा हटाने के बाद ही पाइपलाइन ठीक की जा सकती है।

प्रभावित क्षेत्र और लोग

  • सुरियावां: अंबेडकर नगर, अनुसूचित जाति बस्ती, रामबाग, नेता नगर पावर हाउस।

  • घोसिया: मिश्रानी नगर (वार्ड 7), पक्का चौक (वार्ड 12), दरियागंज (वार्ड 9)।

  • कुल प्रभावित लोग: लगभग 5000

स्थानीय लोगों की पीड़ा

  • कैलाशनाथ, सुरियावां: “दो साल से समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत की, फिर भी लीकेज ठीक नहीं हुआ।”

  • त्रिभुवन, सुरियावां: “गंदा पानी आने के कारण हमें आरओ का पानी खरीदना पड़ रहा है।”

  • आजाद अहमद, घोसिया: “मुख्य सड़क पर डेढ़ साल से पाइप लीकेज, लगभग 100 घर प्रभावित।”

  • एबरार अहमद, घोसिया: “नगर पंचायत जिम्मेदार नहीं। लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं।”

 देश में पेयजल शुद्धता पर बहस

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत ने देशभर में पानी की शुद्धता पर नई बहस शुरू कर दी है। गोपीगंज और भदोही में अभियान चलाकर लीकेज ठीक कराई जा रही है, लेकिन सुरियावां और घोसिया में जिम्मेदार अधिकारी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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